6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्रिका सर्वे में खुलासा : नगर निकाय-पंचायत चुनावों में स्वच्छ छवि के युवा उम्मीदवार पहली पसंद, धनबल और अपराध मुक्त चुनाव की चाह

जयपुर में हुए पत्रिका के जनप्रहरी अभियान के सर्वे में मतदाताओं का बदला हुआ मिजाज सामने आया है। नगर निकाय और पंचायत चुनावों में मतदाता पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार की स्वच्छ छवि, ईमानदारी और जमीनी काम को महत्व दे रहे हैं।

2 min read
Google source verification
Municipal body and Panchayat elections, Panchayat elections, Panchayat elections in Rajasthan, Panchayat elections news, Panchayat elections latest news, Panchayat elections today news, Panchayat elections survey news, नगर निकाय और पंचायत चुनाव, पंचायत चुनाव, पंचायत चुनाव इन राजस्थान, पंचायत चुनाव न्यूज, पंचायत चुनाव लेटेस्ट न्यूज, पंचायत चुनाव टुडे न्यूज, पंचायत चुनाव सर्वे न्यूज

जयपुर। नगर निकाय और पंचायत चुनावों में मतदाता स्वच्छ छवि और जमीनी काम करने वाले युवा उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने के मूड में हैं। वंशवाद और धनबल की राजनीति करने वाले नेताओं के प्रति मतदाताओं में साफ नाराजगी है। पत्रिका के जनप्रहरी अभियान के तहत स्थानीय नेतृत्व को लेकर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आयु वर्ग के पुरुष व महिलाओं ने उम्मीदवार के काम, चरित्र और ईमानदारी को प्राथमिकता दी।

पार्टी नहीं, व्यक्तिगत छवि निर्णायक

स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार के काम और व्यक्तिगत चरित्र को मतदाताओं ने अहम माना है। सर्वे में 68 प्रतिशत लोगों ने इस पर सहमति जताई, जबकि पार्टी पहचान को केवल 18 प्रतिशत ने जरूरी माना। यह रुझान शहरी क्षेत्रों और महिला मतदाताओं में अधिक है।

युवा मतदाता बदल रहे राजनीति की दिशा

नए चेहरे अब सिर्फ बदलाव की बात नहीं कर रहे, बल्कि सक्रिय रूप से भूमिका भी निभा रहे हैं। सर्वे के अनुसार युवा मतदाता परिस्थितियों और मुद्दों के आधार पर निर्णय लेते हैं। 70 प्रतिशत युवाओं ने माना कि उन्हें वंशवादी राजनीति पसंद नहीं है।

धनबल और अपराध अस्वीकार

चुनावों में धनबल और बाहुबल के आधार पर उम्मीदवार तय किए जाने को मतदाता स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सर्वे में 78 प्रतिशत लोगों ने माना कि चुनाव में अत्यधिक पैसा खर्च करना अवैध या संदिग्ध तरीकों का संकेत है। वहीं 82 प्रतिशत ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को अस्वीकार किया।

ईमानदारी अब न्यूनतम योग्यता

निकाय चुनावों में उम्मीदवार की स्वच्छ और ईमानदार छवि पहली प्राथमिकता बन गई है। सर्वे के अनुसार 45 प्रतिशत लोगों ने अनुभव की तुलना में ईमानदारी को महत्वपूर्ण माना। वहीं केवल 10 प्रतिशत लोगों ने राय दी कि उम्मीदवार का अनुभवी होना सबसे जरूरी है।

आम नागरिक की हो एंट्री

पत्रिका के जनप्रहरी अभियान के विचार से सहमति जताते हुए 80 प्रतिशत ने माना कि आम नागरिकों को राजनीति में आना चाहिए। सर्वे में युवा, महिलाएं, शहरी और ग्रामीण- सभी वर्गों में इस सोच को समर्थन दिया है।

सर्वे रिपोर्ट : युवा, ईमानदार छवि और सबका विकास प्राथमिकता

स्थानीय चुनाव में काम और चरित्र को महत्व

  • 68% काम और चरित्र को
  • 18% पार्टी और पहचान जरुरी
  • 14% परिस्थिति के अनुसार निर्णय

उम्मीदवार पहली पसंद भले दूसरी पार्टी का हो

  • 55% परिस्थिति देखकर निर्णय
  • 25% उम्मीदवार देखकर वोट
  • 20% पार्टी महत्वपूर्ण

स्थानीय चुनाव में बड़े बुनियादी मुद्दे

  • 62% पानी, सड़क, सफाई, रोजगार, किसान, आय
  • 38% महिलाओं की सुरक्षा

ज्यादा पैसा खर्च तो काला धन!

  • 78% अधिक चुनाव खर्च अवैध
  • 15% नहीं दी राय
  • 7% अधिक खर्च अच्छा

बड़े नेताओ के रिश्तेदार क्यों हो उम्मीदवार

  • 70% नेताओं के रिश्तेदार न लड़े चुनाव
  • 22% योग्य उम्मीदवार ही स्वीकार
  • 8% वंशवाद अच्छा

व्यक्तिगत सोच नहीं सबके विकास की बात हो

  • 63% सबका विकास जरूरी
  • 27% व्यक्तिगत काम जरूरी
  • 10% परिस्थिति के अनुसार

कौन ला सकता है अच्छे बदलाव

  • 86% ईमानदार युवा
  • 14% ने जताई अनिश्चितता

ईमानदार या अनुभव जरूरी

  • 45% ईमानदार
  • 45% संतुलित
  • 10% अनुभव

आपराधिक रिकॉर्ड वाले नेता सिरे से खारिज

  • 82% नापसंद
  • 14% छोटे आरोप तो कोई बात नहीं
  • 4% कोई गुरेज नहीं

उम्मीदवार शिक्षित और सामर्थ्यवान जरुरी

  • 55% शिक्षा व क्षमता दोनों हो
  • 30% क्षमता डिग्री से अधिक
  • 15% डिग्री अनिवार्य

वोटर नहीं लीडर भी बने लोग

  • 80% आम लोग भी राजनीति में आएं

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग