जयपुर

चौमूं बस स्टैण्ड के बुकिंग केन्द्र पर ताला, भटक रहे मुसाफिर

यह केन्द्र चौमूं, शाहपुरा और आमेर जैसे इलाकों के यात्रियों को टिकट, स्मार्ट कार्ड और बसों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया था, लेकिन वर्तमान में बंद पड़ा है।
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Oct 29, 2025
Photo: Patrika
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जयपुर/चौमूं. कभी यात्रियों की सुविधा का केंद्र रहा चौमूं बस स्टैण्ड का बुकिंग केन्द्र आज अपनी पहचान और उद्देश्य दोनों को खोता जा रहा है। वर्ष 2015 में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से शुरू किया गया। यह केन्द्र चौमूं, शाहपुरा और आमेर जैसे इलाकों के यात्रियों को टिकट, स्मार्ट कार्ड और बसों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया था, लेकिन वर्तमान में बंद पड़ा है। जानकारी के अनुसार शुरुआती के दौरान यहां सात कर्मचारी तैनात किए गए थे, जो यात्रियों को समय पर टिकट और जानकारी उपलब्ध कराते थे।

धीरे-धीरे कर्मचारियों की संख्या घटती गई और अब हालात यह हैं कि एक भी कर्मचारी नहीं बचा है। हाल ही में यहां तैनात एकमात्र महिला कर्मचारी को भी जयपुर के सिंधी कैंप स्थानांतरित कर दिया गया है।
नतीजतन, बुकिंग केन्द्र पर ताला लटक गया है और यात्री टिकट, स्मार्ट कार्ड और बसों की जानकारी के लिए परेशान हो रहे हैं। बीते एक वर्ष से बुजुर्गों, विद्यार्थियों और मासिक पासधारकों को स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए जयपुर, शाहपुरा और श्रीमाधोपुर जैसे स्थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक उदासीनता से बढ़ रही समस्या

यात्रियों का कहना है कि पहले यहां तैनात महिला कर्मचारी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सेवा देती थी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी। अब ताला लटका देखकर यात्री निराश लौट जाते हैं। टिकट व्यवस्था ठप है और बसों के आवागमन की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।

दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है

शहर निवासी रवि कुमार ने बताया कि लंबे रूट की अधिकतर बसें अब सीधे बायपास से निकल जाती हैं। स्टैण्ड तक नहीं पहुंच रही है। करीब दो किमी दूर जाकर बस पकडऩी पड़ती है।

जल्द ही कर्मचारी की नियुक्ति करेंगे

कर्मचारियों की कमी के चलते चौमूं बुकिंग केन्द्र से स्टाफ हटाया गया है। जल्द ही कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी। ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
-राकेश कुमार, रोडवेज प्रबंधक, सिंधी कैंप जयपुर

मामला गंभीर है

मामला गंभीर है और पहले भी अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। पुन: कर्मचारी नियुक्त करने के लिए पथ परिवहन निगम से बात की जाएगी और आवश्यकता पड़ी तो इसे विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
-डॉ. शिखा मील बराला, क्षेत्रीय विधायक चौमूं

Updated on:
29 Oct 2025 02:43 pm
Published on:
29 Oct 2025 02:43 pm