जयपुर

मध्यप्रदेश से राजस्थान पहुंचा चीता… इन इलाकों में मची दहशत, वन विभाग की टीम अलर्ट पर

दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाया गया एक चीता मध्यप्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान पहुंच गया है।
less than 1 minute read
May 04, 2024
Feature image

दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीते लगातार बाहर की दौड़ लगा रहे है। इसी कड़ी में एक चीता मध्यप्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान पहुंच गया है। जिससे प्रदेश के कई इलाकों में हदशत मची हुई है। हालांकि वन विभाग इस मामले को लेकर अलर्ट मोड़ पर है। पिछले वर्ष 25 दिसंबर को अग्नि नाम का नर चीता भी कूनो से बारां पहुंच गया था। जिसे ट्रेंकुलाइज कर वापस कूनो ले जाया गया था।

करौली में दिखी मूवमेंट

मधयप्रदेश के समीपवर्ती जिले करौली के मंडरायल के नजदीक चीता का मूवमेंट बताया जा रहा है। चीता कूनो से विजयपुर, रामपुर, सबलगढ़ होते हुए राहु घाट के पास पहुंचा। कूनो नेशनल पार्क से करीब 85 किलोमीटर की दूरी पर राहु घाट है। मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ-साथ राजस्थान वन विभाग की टीम भी अलर्ट मोड़ पर है। वन विभाग की टीम लगातार चीते को ट्रैक कर रही है।

कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के लिए चिंता का विषय

इससे पहले कूनो नेशनल पार्क आए 'चीते ओबान' ने तीसरी बार पार्क से माधव नेशनल पार्क पहुंच गया था। चूंकी यहां पर बाघ और तेंदुआ भी हैं और चीतों ने जीवन में कभी बाघ या तेंदुआ देखा ही नहीं, यदि ऐसे में दोनों का आमना-सामना हो गया तो इसका क्या परिणाम होगा, टाइगर यदि हिंसक हो गया तो ओबान की जान पर भी बन सकती है। इस कारण कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन और माधव नेशनल पार्क प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है।

Updated on:
04 May 2024 10:27 am
Published on:
04 May 2024 10:27 am
Also Read
View All
Rajasthan Panchayat Election: ‘OBC आंकड़े आने के एक सप्ताह में ले लेंगे फैसला’, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया पंचायत चुनाव का ‘रोडमैप’

Rajasthan Football : राजस्थान कब बनेगा फुटबॉल में राष्ट्रीय चैंपियन? जानें अब तक की एकमात्र उपलब्धि

राजस्थान में ट्रांसफर लिस्ट पर नया विवाद; मंत्री-ब्यूरोक्रेसी के बीच खुलकर सामने आए मतभेद, जानें किस विभाग में कितने तबादले

राजस्थान में लोकसभा सीटें बढ़ने की सुगबुगाहट, हनुमान बेनीवाल और दुष्यंत सिंह की सीटों में फेरबदल संभव, सचिन पायलट के भी खुलेंगे रास्ते! 

Jaipur RTO Action: बस में बैठने से पहले जरा ठहरिए… कहीं आपकी सीट के आगे भी बंद हो ‘बचने का रास्ता’?