जयपुर

चूरू-सीकर मेडिकल कॉलेज के आचार्य का कारनामा, जालसाजी की ट्रिक जानकर रह जाएंगे दंग

Churu-Sikar Medical College Acharya : चूरू व सीकर मेडिकल कॉलेज में जैव रसायनिक विभाग के आचार्य ने गैरहाजिरी के बावजूद 8.91 लाख रुपए का वेतन भत्ता उठाया। आचार्य की जालसाजी की ट्रिक जानकर दंग रह जाएंगे आप।

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चूरू-सीकर मेडिकल कॉलेज के आचार्य का कारनामा

Churu-Sikar Medical College : चूरू व सीकर मेडिकल कॉलेज में जैव रसायनिक विभाग के आचार्य ने गैरहाजिरी पर व्हाइटनर लगाकर हाजिरी लगा दी। इस तरह असाधारण अवकाश के बावजूद 8.91 लाख रुपए का वेतन भत्ता उठा लिया। मेडिकल कॉलेज की शिकायत पर एसीबी ने जांच कर मामला दर्ज किया है। आरोपी डॉ. श्रवण कुमार मीणा जयपुर के बापू नगर स्थित मंगल मार्ग निवासी है। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) ने डॉ. श्रवण कुमार मीणा का पदस्थापन 20 अगस्त 2018 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय चूरू में जैव रसायनिक विभाग के आचार्य पद पर किया। श्रवण का तबादला एक जनवरी 2021 को सीकर मेडिकल कॉलेज में हो गया।

42 दिन की गलत उपस्थिति लगाई

डॉ. श्रवण कुमार मीणा ने चूरू में पदस्थापन काल के 88 दिवस तथा मेडिकल कालेज सीकर में 42 दिवस की गलत उपस्थिति लगाई। वेतन के लिए प्रतिमाह उपस्थिति विवरण जारी करने के बजाय एक साथ जारी किए गए। जिनके आधार पर चूरू पदस्थापन के 88 दिवस के 5 लाख 67 हजार रुपए व सीकर मेडिकल कालेज में पदस्थापन के दौरान 42 दिवस के 3 लाख 24 हजार रुपए (कुल 8 लाख 91 हजार) के वेतन भत्ते असाधारण अवकाश पर रहते हुए भी उठा लिए।

कांट-छांट कर की हाजिरी

मीणा चूरू व सीकर मेडिकल कॉलेज में रहते हुए कई बार अनुपस्थित रहे। रजिस्टर में सक्षम अधिकारी की ओर से किए गए मार्क पर व्हाइटनर लगाकर हाजिरी लगा दी। असाधारण अवकाश पर रहते हुए भी प्राचार्य कार्यालय में मासिक उपस्थिति का विवरण पेश किया। मीणा का परिवीक्षाकाल था। नियमानुसार नवनियुक्त चिकित्सक शिक्षक को एक वर्ष के परिवीक्षाकाल में 15 दिन आकस्मिक अवकाश ही मिलता है।

गबन के साक्ष्य मिले - शब्बीर खान

उप अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, चूरू शब्बीर खान ने कहा, विभाग के पत्र पर जांच में गबन के साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर एफआइआर दर्ज की गई है।

Published on:
28 Apr 2024 11:22 am
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