
जयपुर। राजधानी जयपुर की बगरू विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेता आशुतोष रांका पर हमले का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सीजेपी नेता आशुतोष रांका और उनके साथियों को पीट-पीटकर भगा दिया। स्थानीय लोगों ने आशुतोष रांका और उनके समर्थकों को जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि ग्रामीण आशुतोष रांका और उनके समर्थकों को पकड़कर पीट रहे है। ऐसे में आशुतोष रांका और उनके समर्थक अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे है। ग्रामीणों ने कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लात-घूंसों से मारपीट की और जमीन पर गिराकर पीटा। इस दौरान उनकी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में कुछ लोग रांका के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
दरअसल, सीजेपी नेता आशुतोष रांका और उनके साथी सुबह करीब 10 बजे बगरू क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा में राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां उनकी ग्रामीणों से झड़प हो गई। ग्रामीणों ने आशुतोष रांका और उनके साथियों को पीट-पीटकर भगा दिया। ग्रामीणों ने उन पर पथराव भी किया। साथ ही कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। सीजेपी कार्यकर्ताओं को धक्का देकर गांव से बाहर निकालने के बाद ग्रामीण सरकारी स्कूल के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों का कहना है कि रामपुरा के स्कूल की बिल्डिंग जर्जर है। ऐसे में उसे बंद कर रखा है और बच्चों को पास ही एक बाड़े में पढ़ाया जा रहा है। इस स्कूल को अपने स्तर पर ठीक करवा लेंगे। इसके लिए सरकार ने भी 12.50 लाख रुपए स्वीकृत किए है। लेकिन हम किसी भी बाहरी व्यक्ति को यहां नहीं आने देंगे। कॉकरोच यहां आकर गंदगी करना चाहते हैं, जिसे हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस घटना से पहले आशुतोष रांका ने भी एक वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रामपुरा के कंवरपुरा स्थित सरकारी स्कूल पिछले कई सालों से भैंसों के तबेले में चल रहा है। मैं अभी वही पहुंच रहा हू। लेकिन हमारी टीम के कुछ साथी जो वहां पहुचे हुए थे, उनके साथ भाजपा के गुंडे फिर मारपीट पर उतर आए। भाजपा को हमारे बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ाते रहे, यह मंज़ूर है, लेकिन इन स्कूलों को अगर हम ठीक करवाने की कोशिश करें यह मंज़ूर नहीं है। इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है?