जयपुर

पहली रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी करने का दावा, क्रॉनिक किडनी डिजीज से ग्रसित मरीज को मिली नई जिंदगी

राजस्थान में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल किडनी ट्रांसप्लांट करने का दावा किया गया है।
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Updated: 24 Oct 2024, 10:50 PM IST
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जयपुर। राजस्थान में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल किडनी ट्रांसप्लांट करने का दावा किया गया है। सीके बिरला हॉस्पिटल में डायरेक्टर रीनल ट्रांसप्लांट, डॉ. देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में यह सर्जरी हुई। 50 वर्षीय सुरेशचंद्र, जो क्रॉनिक किडनी डिजीज से ग्रसित थे और लंबे समय से डायलिसिस पर थे। उन्हें उनके परिवार के सदस्य ने किडनी डोनेट की। सर्जरी लगभग तीन घंटे चली, जिसमें लैप्रोस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। डोनर से किडनी एक विशेष पोर्ट के माध्यम से रिसीपिएंट के पेट में डाली गई, जिससे मरीज को कम दर्द हुआ और रिकवरी तेजी से हुई।

डॉ. देवेंद्र ने बताया कि आमतौर पर किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीजों को 10-15 दिन तक चलने में कठिनाई होती है। लेकिन रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीज अगले दिन बिस्तर पर बैठने में सक्षम थे और केवल दो दिनों में चलने लगे। इस सर्जरी में डॉ. प्रतीक, डॉ. महेश, डॉ. गौरव, डॉ. निखिल और एनेस्थेसिया टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। हॉस्पिटल के वाइस प्रेसिडेंट अनुभव सुखवानी ने इस तकनीक को चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बताया, जिससे भविष्य में जटिल सर्जरी को सरल बनाया जा सकेगा।

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24 Oct 2024, 10:50 PM IST
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