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‘मां से बड़ी कोई शक्ति नहीं, शिक्षा में सरस्वती प्रधान होनी चाहिए’, सोफिया स्कूल शताब्दी समारोह में बोले गुलाब कोठारी

राजधानी जयपुर के सेंट एंजिला सोफिया स्कूल के शताब्दी समारोह में गुलाब कोठारी ने कहा कि मां से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने शिक्षा में सरस्वती को प्रधानता देने और बेटों-बेटियों को समान संस्कार देकर स्त्री सम्मान, दया व संवेदना सिखाने पर जोर दिया।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 25 Oct 2026, 7:50 AM IST

jaipur st angela sophia school centenary celebration

सोफिया स्कूल के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आकाश में बड़ा गुब्बारा उड़ाते मुख्य अतिथि गुलाब कोठारी

Jaipur St. Angela Sophia School Centenary Celebration: इस धरती पर मां से बड़ी शक्ति कोई और नहीं है। नारी बच्चों को जन्म देने और उनका पालन-पोषण करने के साथ पुरुष और परिवार का भी निर्माण करती है। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने शनिवार को घाटगेट स्थित सेंट एंजेला सोफिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में स्त्री की शक्ति और शिक्षा की भूमिका पर विचार रखते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष से यह संस्थान उस शक्ति की पूजा और प्रतिष्ठा करता आ रहा है। सोफिया केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक परंपरा और संकल्प है।

कोठारी ने कहा कि राजस्थान में एक समय कन्याओं को केवल लड़की होने के कारण गर्भ में ही मार दिया जाता था, वहीं नवरात्र में उन्हीं कन्याओं की पूजा भी की जाती है।

समान संस्कार की जरूरत

इसी विरोधाभास के बीच सोफिया ने 100 वर्ष पहले बालिका शिक्षा के माध्यम से नारी शक्ति को प्रतिष्ठित करने का काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा में लड़कियों को सशक्तीकरण की बात तो सिखाई जा रही है, लेकिन शिक्षा में सरस्वती प्रधान होनी चाहिए, जबकि व्यवस्था लक्ष्मी के पीछे दौड़ना सिखा रही है।

कोठारी ने कहा कि शिक्षा में शब्द और ध्वनि के साथ सृष्टि के तत्वों को भी शामिल करना होगा। लड़के और लड़कियों को समान संस्कार देने की जरूरत है। अभिभावक जिस तरह बेटियों को संस्कार देते हैं, उसी तरह बेटों को भी स्त्री सम्मान, दया, करुणा और संवेदना सिखाएं।

विद्यालय के इतिहास और राज्य की संस्कृति की झलक

समारोह में छात्राओं ने नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए विद्यालय के इतिहास, राजस्थान की संस्कृति और महिला सशक्तीकरण की झलक दिखाई। राजस्थानी गीतों पर नन्ही छात्राओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों की ओर से तैयार उपहार अतिथियों को भेंट किए गए और विद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आकाश में बड़ा गुब्बारा भी उड़ाया गया।

फॉर्मर सुपीरियर जनरल सिस्टर सविना ने कहा कि संस्थान पूरी तरह लड़कियों की शिक्षा के लिए समर्पित रहा है और यहां से छात्राओं को आत्मविश्वास और शक्ति मिली है। उप-प्रधानाचार्या रेवरेंड सिस्टर रेचल ने आभार व्यक्त किया।

100 दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत

विद्यालय की 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा (1926-2026) के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय 'स्वर्णिम शताब्दी महोत्सव' का शनिवार को भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम में विधायक रफीक खान के साथ आईएएस नवीन जैन, ब्रिगेडियर महेंद्र सिंह मेहला, राइट रेवरेंड ओसवर्ड लुईस, राइट रेवरेंड इग्नेशियस मैनेजस, रेवरेंड सिस्टर सविना सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

प्रधानाचार्या रेवरेंड डॉ. सिस्टर सिंथिया, सिस्टर्स और अभिभावकों ने 100 दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की। छात्राओं ने बैंड और स्वागत संगीत से अतिथियों का अभिनंदन किया। विद्यालय की 100 वर्ष की प्रगति रिपोर्ट और उपलब्धियों को भी प्रस्तुत किया गया।