जयपुर

एक्शन मोड में आए CM भजनलाल: दहेज दोषी डॉक्टर को किया बर्खास्त, IAS समेत 15 अधिकारियों पर कार्रवाई, 2 की रोकी वेतन वृद्धि

CM Bhajanlal Sharma Action: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कदाचार, लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए 1 IAS, 2 RPS समेत 15 अधिकारियों पर कार्रवाई की है। दहेज उत्पीड़न मामले में एक चिकित्सा अधिकारी को बर्खास्त भी कर दिया।
2 min read
Jul 15, 2026
Bhajanlal Sharma
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार एक्शन मोड में हैं। सीएम ने कानून-व्यवस्था में लापरवाही, कदाचार और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए 1 IAS, 2 RPS समेत 15 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सरकारी भूमि को नीलामी के बजाय खांचा भूमि के रूप में आवंटित करने के मामले में 1 IAS के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी गई। वहीं, दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए गए एक चिकित्सा अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया। हत्या की जांच में लापरवाही, बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के मामलों में भी अभियोजन व विभागीय कार्रवाई की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा राजस्थान सिविल सेवा के दो अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई, जबकि एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारी की 20 प्रतिशत पेंशन स्थायी रूप से रोकने का निर्णय किया गया।

महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक निलंबित

महिला बंदी सुधार गृह, जयपुर में पदस्थापित उपाधीक्षक सरोज विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय जयपुर से भरतपुर किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। सरोज विश्नोई के खिलाफ परिवाद में बताया गया था कि वे सुधार गृह की एक महिला बंदी को अपने साथ रखती थी और उस महिला बंदी का कार्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप था। साथ ही पैसे लेकर बंदियों को नियम खिलाफ सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की भी शिकायत थी।

एसीपी: अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी

जोधपुर पुलिस आयुक्तालय में पदस्थापित सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) देरावर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। आरोप है कि डीग के कामां थाने में पुलिस निरीक्षक के पद पर रहते हुए उन्होंने हत्या जैसे गंभीर मामले की जांच में लापरवाही बरती। अनुसंधान के दौरान आठ आरोपियों में से केवल एक को दोषी मानते हुए बाकी सात आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया।

आरपीएस पर विभागीय जांच

आरपीएस अधिकारी लाभुराम विश्नोई के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित मानते हुए विभागीय जांच रिपोर्ट का अनुमोदन किया। आरोप है कि सवाईमाधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा थाना क्षेत्र में बनास नदी में बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्होंने अवैध खनन और परिवहन रोकने संबंधी निर्देशों की अवहेलना की। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी और स्वयं सहित पुलिस जाब्ते की जान जोखिम में पड़ी।

20 प्रतिशत पेंशन हमेशा के लिए रोकी

दहेज उत्पीड़न के मामले में दोष सिद्ध होने पर चिकित्सा अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया गया। वहीं, दो अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई और एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारी की 20 प्रतिशत पेंशन हमेशा के लिए रोक दी गई। सीसीए नियम के तहत समीक्षा के पांच मामलों में अधिकारियों की याचिकाएं खारिज कर पूर्व में दिए गए दंड को बरकरार रखा गया।

अनुशासनहीनता और रिश्वत के मामले भी

भीलवाड़ा के तत्कालीन सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी राकेश खोईवाल के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी। आपराधिक मामलों में आरोपी की मदद के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में तत्कालीन वृत्ताधिकारी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति जारी की।

Updated on:
15 Jul 2026 09:05 am
Published on:
15 Jul 2026 09:00 am