
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को अपने निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना का शुभारंभ किया। शुभारंभ समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधायक और मुख्य सचिव निरंजन आर्य भी मौजूद रहे।
समारोह में मुख्यमंत्री गहलोत ने स्कूटी प्राप्त करने वाली लाभार्थी छात्राओं से संवाद कर उनसे उनकी पढ़ाई, परिवार की स्थिति, करिअर के लक्ष्य पर चर्चा की तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई योजनाओं पर फीडबैक लिया।
उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जिला कलक्टरों और कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई सभी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद एवं पात्र छात्र-छात्राओं तक जरूर पहुंचाना चाहिए। छात्राओं से संवाद करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य सरकार धरातल से प्राप्त सुझावों के आधार पर अपनी आगामी योजनाओं को बेहतर बना सकेगी।
3 साल में 123 नए कॉलेज खोले
सीएम ने कहा कि राजस्थान को तेज गति से तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के लिए अवसर बढ़ाए हैं। युवाओं को नजदीकी स्थान पर कॉलेज की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पिछले लगभग 3 सालों में 123 नए कॉलेज खोले हैं, जिसमें से 32 महिला कॉलेज हैं। सरकार ने हर उपखण्ड मुख्यालय पर महाविद्यालय खोलने की योजना बनाई है। राजस्थान आज प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
राजकीय शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी अंचल में शिक्षा की अलख जगाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली वीर बालिका कालीबाई भील नौजवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।गहलोत ने कहा कि महिला शिक्षा और सशक्तीकरण का एक और उदाहरण महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले का है।
इन्होंने समाज और जाति के बंधनों को तोड़कर महिला शिक्षा के लिए अलख जगाई। सामाजिक चेतना की प्रतीक कालीबाई को भावी पीढ़ी के सामने एक मिसाल के रूप में पेश करने के लिए राज्य सरकार की मेधावी छात्राओं के लिए संचालित सभी स्कूटी योजनाओं को एकीकृत कर कालीबाई के नाम से शुरू किया है। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में बीते लगभग 3 वर्षों में 123 नए कॉलेज खोलने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों की मांग के अनुसार 17 स्नातक महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर स्तर पर अपग्रेड किया है।
स्कूटी योजना पर खर्च होंगे 60 करोड़
उच्च शिक्षा विभाग के शासन सचिव एनएल मीणा ने समारोह में बताया कि इस स्कूटी योजना के तहत साल 2020-21 में कुल 10,050 स्कूटी वितरण का लक्ष्य रखा गया, जिस पर लगभग 60 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
सभी लाभार्थियों को स्कूटी के साथ ही छात्रा के नाम रजिस्ट्रेशन, पांच साल का बीमा, दो लीटर पेट्रोल और हेलमेट भी दिया जा रहा है। पंचायतीराज चुनाव आचार संहिता के कारण भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही को छोड़कर शेष 27 जिलों में स्कूटी वितरण किया जा रहा है।