दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इशारों ही इशारों में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर साधा निशाना
जयपुर। सचिन पायलट गुट और अशोक गहलोत गुट के बीच चल रही है अदावत को दूर करने और सुलह का फॉर्मूला तय करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से बुलाई गई बैठक से पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को लेकर हमला बोला है। सीएम गहलोत ने पायलट का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस में अभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि किसी नेता को मनाने के लिए पदों ऑफर किया जाए।
गहलोत ने दिल्ली में मीडिया के सवालों पर कहा कि कांग्रेस पार्टी और हाईकमान आज भी इतना मजबूत हैं कि ऐसी स्थिति नहीं आई कि आप किसी को मनाने के लिए पद ऑफर करो कि आप कौन सा पद स्वीकार करेंगे, ऐसा आज तक कभी नहीं हुआ है और ना जिंदगी में कभी होगा।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की आज भी इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वो हाईकमान को कहे कि मैं फलां पद लूंगा। सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के इतने लंबे सियासी सफर में इस तरह के फॉर्मूले कभी नहीं बने हैं। गहलोत ने कहा कि इस तरह की खबरें केवल मीडिया की तरफ से फैलाई जाती हैं, स्टोरी बनाई जाती है या फिर किसी के द्वारा बनवाई जाती हैं इन बातों में कोई दम नहीं है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री गहलोत ने सचिन पायलट का नाम लिए बगैर उन निशाना साधा हो, इससे पहले गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट का नाम लिए बगैर हमला बोला था। गहलोत ने कहा था कि विपक्ष की मांग है कि पेपर लीक पर मुआवजा दिया जाए, ऐसे लोगों की बुद्धि को दिवालियापन नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे। पेपर लीक पर आज तक किसी भी सरकार ने मुआवजा दिया है क्या है। सीएम अशोक गहलोत के इन बयानों से साफ है कि पार्टी हाईकमान भले ही सुलह का फॉर्मूला अपनाने की तैयारी में हो लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सुलह के फॉर्मूले को मानने को तैयार नहीं हैं।
दिलचल्प बात तो यह है कि पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से सरकार को दिए गए अल्टीमेटम में भी केवल दो दिन का समय बचा है। ऐसे में अगर सुलह का फॉर्मूला कामयाब नहीं हुआ तो फिर अदावत और ज्यादा बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
इधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे को लेकर भी निशाना साधा। सीएम गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रदेश के दौरान शुरू कर दिए हैं और कहा जा रहा है कि मोदी हर जिले में जाकर जनसभा करेंगे। सब जगह अब प्रधानमंत्री ही जाएंगे, चाहे नगर निगम का चुनाव क्यों न हो, इससे शर्मनाक बात प्रदेश भाजपा के नेताओं के लिए कुछ नहीं हो सकती है कि उन्होंने 5 साल कुछ नहीं किया और उन्हें अब प्रधानमंत्री के चेहरे पर चुनाव लड़ना पड़ रहा है।
वहीं दिल्ली आने को लेकर गहलोत ने कहा कि दिल्ली तो चुनाव नजदीक आ गए हैं तो दिल्ली तो आना -जाना लगा रहेगा। हमारा पूरा फोकस महंगाई राहत शिविरों पर है, हमने एक से एक योजनाएं चलाईं है जिनका लाभ जनता को मिल रहा है।
वीडियो देखेंः- New Parliament Building : एडवांस टेक्नोलॉजी से फेस रिकग्निशन तक नई संसद