
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्रव्यवती नदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को समय से पूरा करने का दबाव जेडीए अधिकारियों पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि निर्माण कार्य की गति को बढ़ाने और समय से काम पूरा करने के लिए जेडीए ने 12 और अधिकारियों को इसमें लगाया है।
इनमें 10 जेईएन और दो एईएन शामिल हैं। सभी को जेडीए ने विभिन्न जोनों से हटाकर यहां पर तैनात किया है। अब इस प्रोजेक्ट में 17 जेईएन और पांच एईएन हो गए हैं। करीब 47 किमी द्रव्यवती नदी को दो-तीन किमी के हिस्से में इन अधिकारियों के बीच बांटा गया है। द्रव्यवती नदी के काम को 10 सितम्बर तक पूरा करना है।
एक माह देरी से चल रहा काम
द्रव्यवती नदी का निर्माण कार्य पहले से ही करीब एक माह देरी से चल रहा है। पहले इसका निर्माण कार्य 15 अगस्त तक पूरा करना था, लेकिन अब इसको बढ़ाकर 10 सितम्बर तक कर दिया गया है। जिस तरीके से निर्माण कार्य चल रहा है, उसको देखकर तय समय में भी काम पूरा होने की संभावना कम ही लग रही है।
अब भी 25 फीसदी काम बाकी
मौजूदा स्थिति की बात करें तो अभी न तो पूरे ट्रैक पर पत्थर लग पाए हैं और न ही नदी पर सुरक्षा के लिहाज से लगाई जा रहीं रही जालियां लग पाईं हैं। अधिकारी खुद दबी जुबां स्वीकार कर रहे हैं कि अभी 25 से 30 फीसदी तक काम अधूरा है। हालांकि बारिश की वजह से ट्रैक तक बह गया था। इसको सही करने में भी काफी समय लग गया।
- निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए कुछ और अधिकारियों को प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है। सभी को तय समय से काम करने का लक्ष्य दिया गया है।
बीडी शर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (जेडीए)