जयपुर

विश्व मच्छर दिवस आज : खोपरे का तेल और कपूर बचाएगा आपको डेंगू से

15 से 20 प्रतिशत बढ़ी मरीजों की संख्या बारिश का दौर बढऩे के साथ ही राजधानी जयपुर में सैंकड़ों केन्द्र डेंगू का लार्वा पनपने के बन गए
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Updated: 20 Aug 2019, 1:10 PM IST
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जयपुर।
राजधानी में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से मच्छरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की तादाद भी बढ़ा दी है। मच्छरों की संख्या कच्ची बस्तियों, द्रव्यवती नदी के आसपास और सडक पर बरसाती पानी के ठहराव वाले स्थानों पर सबसे ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार बरसात का दौर एक सप्ताह या इससे अधिक तक थमने के बाद मच्छरों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

15 से 20 प्रतिशत बढ़ी मरीजों की संख्या

वहीं इस समय एसएमएस अस्पताल, जेके लोन सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों की संख्या में पहले की तुलना में औसतन करीब 15 से 20 प्रतिशत मरीजों की संख्या में बढोतरी हो गई है। जिनमे सर्दी, जुकाम, वायरल, इन्फेक्शन के मरीजों की संख्या अधिक है। डेंगू का सर्वाधिक खतरा बारिश का दौर ठहरने के साथ ही डेंगू का खतरा सबसे अधिक बढऩे की आशंका हर साल रहती है। प्रदेश में इस साल जनवरी से 18 अगस्त तक इसके 500 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। जिनमे सर्वाधिक 50 प्रतिशत से भी अधिक 275 मरीज जयपुर जिले के हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

मच्छरों की भरमार से बचने के लिए यह करें -
-अपने आस पास बारिश का पानी ठहरता है तो उसे साफ करवाएं
-सडक़ पर ठहरे हुए पानी को साफ करवाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि या स्थानीय प्रशासन को अवगत कराएं
-अपने घरों पर पुराने बर्तनों, टायरों, गमलों व अन्य पात्रों में बरसाती पानी जमा नहीं होने दें
-कूलर का पानी नियमित अंतराल से साफ करते रहे हैं

मच्छर से दूर रहने के कुछ उपाय
-मच्छर मारक पौधे अपने बरामदे या घर में लगाएं, इनमे तुलसी का पौधा, लेमनग्रास और पुदीना का पौधा मुख्य माना जाता है
-कपूर से उठने वाली गंध और धुआं मच्छरों को भगा सकता है मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती या अन्य साधनों का भी उपयोग किया जा सकता है
-पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें

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