जयपुर

पहले पति के रहते दूसरी शादी करने पर महिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ प्रसंज्ञान

महिला न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कोर्ट ने लिया प्रसंज्ञानपहले पति के जीवित रहते हुए किया था दूसरा विवाह

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Jan 11, 2020
1-1 year rigorous imprisonment to those who assaulted

जयपुर।
महिला न्यायिक अधिकारी के दूसरा विवाह करने पर न्यायालय ने प्रसंज्ञान लिया है। न्यायालय ने महिला अधिकारी को समन जारी कर तलब किया है। महिला न्यायिक अधिकारी के पहले पति ने न्यायालय में वाद दायर किया था। जिसमें महिला न्यायिक अधिकारी और दूसरे पति पर कार्रवाई की मांग की थी।

अनुराग वर्मा ने महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्य 18 में परिवाद दायर कर कहा कि उसका व महिला न्यायिक अधिकारी का 10 अप्रैल 2013 को प्रेम विवाह हुआ था। इसकी जानकारी परिजनों को नहीं थी। इसके बाद में उसकी पत्नी का चयन आरजेएस में हो गया। परिवादी को नवंबर 2017 में पता चला कि उसकी पत्नी ने एक अन्य न्यायिक अधिकारी से विवाह कर लिया है। जिस पर वर्मा ने पहले पति के जीवित रहते हुए दूसरा विवाह करने पर पत्नी और उसके दूसरे पति के खिलाफ कार्रवाई के परिवाद दायर किया। न्यायालय ने महिला न्यायिक अधिकारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत प्रसंज्ञान लिया है और दूसरे पति के खिलाफ दायर परिवाद को खारिज कर दिया।

Published on:
11 Jan 2020 09:34 pm
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