
Rajasthan Police: कार्रवाई करती पुलिस (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)
जयपुर। राजस्थान में अपराध और संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के पहले ही सप्ताह में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 20 जुलाई से शुरू हुए एक माह के विशेष अभियान में राज्यभर में हार्डकोर अपराधियों, साइबर ठगों, नशा तस्करों और अवैध गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। सात दिनों के भीतर 529 कार्रवाई करते हुए 744 हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि साइबर ठगी से जुड़े मामलों में 2.45 करोड़ रुपये की राशि बरामद की गई।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह अभियान 20 अगस्त तक जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, वांछित और हार्डकोर अपराधियों पर शिकंजा कसना, नशा तस्करी, साइबर अपराध, अवैध हथियार, अवैध खनन और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। अभियान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
पहले सप्ताह के दौरान पुलिस ने 1,715 चिन्हित हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें से 744 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के मामले में जोधपुर रेंज सबसे आगे रही, जहां 331 अपराधियों को पकड़ा गया। उदयपुर रेंज में 100, बीकानेर रेंज में 67, जबकि अजमेर रेंज और जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में 60-60 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
नशा तस्करी के खिलाफ भी पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। एनडीपीएस एक्ट के तहत 339 मामले दर्ज कर 477 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बीकानेर रेंज में सबसे अधिक 83 मामले दर्ज हुए और 110 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा जयपुर पुलिस कमिश्नरेट, कोटा रेंज और जयपुर रेंज में भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई।
साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए 1,245 संदिग्ध साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें 258 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ठगों से 2 करोड़ 45 लाख 77 हजार 652 रुपये बरामद किए, जबकि 86 लाख 83 हजार 843 रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए। सबसे अधिक राशि जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और जयपुर रेंज में बरामद की गई।
इसके अलावा अवैध हथियारों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में 132 प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि अवैध खनन के खिलाफ 260 मामलों में कार्रवाई हुई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170 के तहत 3,337 मामलों में कार्रवाई की गई।
यातायात नियमों के पालन को लेकर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। प्रदेशभर में 9,683 नाकाबंदी प्वाइंट बनाकर करीब 2.90 लाख वाहनों की जांच की गई। इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम के तहत 86,793 वाहनों पर कार्रवाई की गई। वहीं सड़क सुरक्षा अभियान के तहत कुल 2.66 लाख से अधिक चालकों के खिलाफ चालान और अन्य कार्रवाई की गई। महिला सुरक्षा को लेकर 3,199 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि पुलिस और आमजन के बीच संवाद मजबूत करने के लिए 551 कम्युनिटी लाइजन ग्रुप बैठकों का आयोजन भी किया गया।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अपराध, नशा तस्करी, साइबर ठगी और महिला अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त तक चलने वाला यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा ताकि अपराधियों में कानून का डर और आमजन में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हो सके।
Updated on:
28 Jul 2026 08:10 pm
Published on:
28 Jul 2026 08:10 pm
