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जयपुर एयरपोर्ट पर बेबस हालत में आया अनजान मेहमान, वन विभाग ने इलाज कर झालाना में छोड़ा

Jaipur Airport Vulture Rescue: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमजोर हालत में मिले भारतीय ग्रिफिन गिद्ध का वन विभाग ने रेस्क्यू किया। दो दिन इलाज के बाद उसे स्वस्थ कर झालाना जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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जयपुर

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Harshita Saini

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Updated: 28 Jul 2026, 4:42 PM IST

Griffon Vulture

जयपुर एयरपोर्ट पर आया दुर्लभ गिद्द (Photo-Patrika)

Indian Griffon Vulture: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भारतीय ग्रिफिन गिद्ध (Indian Griffon Vulture) कमजोर हालत में मिला था। वन विभाग और रक्षा संस्थान को सूचना मिली थी कि टर्मिनल-1 के बाहर एयरपोर्ट की बाउंड्री के पास बेबस हालत में है। टीम ने मौके पर पहुंचकर गिद्ध का रेस्क्यू किया और उसे इलाज के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर ले गया। सोमवार को दो दिन के इलाज के बाद गिद्द को झालाना जंगल में छोड़ दिया गया। शुरुआत में लग रहा था कि गिद्द को कहीं चोट लगने के कारण वह बेबस हालत में है लेकिन जांच में पता चला कि डिहाइड्रेशन की वजह से वह उड़ने की हालत में नहीं था।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम

25 जुलाई को एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम के सदस्य लोकेश यादव ने बाउंड्री के पास एक बड़ा गिद्ध बैठा देखा। उसकी हालत सामान्य नहीं लग रही थी, इसलिए तुरंत वन विभाग और रक्षा संस्थान को सूचना दी गई। कुछ ही देर में दोनों विभागों की टीम मौके पर पहुंची और सावधानी से गिद्ध को अपने कब्जे में लेकर रिहैबिलिटेशन सेंटर पहुंचाया, जहां उसकी जांच और इलाज शुरू किया गया।

खराब मौसम बना भटकने की वजह

जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि गिद्ध के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं थी। वह सिर्फ पानी की कमी से बेहद कमजोर हो गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक युवा गिद्ध है, जिसने हाल ही में लंबी उड़ान भरना शुरू किया था। लगातार खराब मौसम और थर्मल एयर करंट नहीं मिलने की वजह से वह अपना रास्ता भटक गया। माना जा रहा है कि वह चंबल इलाके से उड़ते हुए जयपुर तक पहुंच गया।

दो दिन देखभाल के बाद फिर उड़ान भरी

गिद्ध को दो दिन तक पानी, खाना और जरूरी इलाज दिया गया। हालत में सुधार आने के बाद उसे वन विभाग, रक्षा संस्थान, वाइल्डलाइफ वेट्स इंटरनेशनल और जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने झालाना जंगल में छोड़ दिया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी और रेस्क्यू टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय ग्रिफिन गिद्ध उड़ान के दौरान गर्म हवा के बहाव का सहारा लेते हैं और इसी वजह से लंबी दूरी आसानी से तय कर लेते हैं।