
जयपुर। अब निजी कॉलेजों की मनमानी नहीं चलेगी। सरकार ने इन कॉलेजों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। अब निजी कॉलेज और बीएड कॉलेज अपना मनचाहा स्टॉफ नहीं रख सकेंगे, उसे अपनी योग्यता पूरी करनी ही होगी। साथ ही सीटों पर भी प्रवेश में गड़बड़ी नहीं होगी। अब हर सीट पर प्रवेश पाने वाली विद्यार्थी की जानकारी कॉलेज आयुक्त को होगी। प्रदेशभर के सभी निजी महाविद्यालयों और शिक्षण—प्रशिक्षण संस्थानों की जानकारी अब एक क्लिक पर विद्यार्थियों को मिल सकेगी। राज्य में संचालित सभी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों को अब 7 दिन में स्वयं की वेबसाइट बनानी होगी। आए दिन इन महाविद्यालयों की गड़बड़ियों की शिकायत के चलते कॉलेज आयुक्तालय की ओर से यह निर्णय लिया गया है। अब ये संस्थाएं सत्र के बीच में न तो शिक्षकों को हटा सकेंगे और न ही लगा सकेंगे। इसके साथ ही प्रवेश भी ये बीच सत्र में नहीं ले सकेंगे। इतना ही नहीं इन्हें हर 15 दिन में अपनी वेबसाइट भी अपडेट करनी होगी। बीएड कॉलेजों को पूरी तरह एनसीटीई के नियमों की पालना करनी होगी।
यह बताना होगा वेबसाइट पर
कॉलेज आयुक्त आशुतोष ए.टी.पेडणेकर ने बताया कि महाविद्यालय को अपनी वेबसाइट पर महाविद्यालय की आधारभूत संरचना से संबंधित सभी दस्तावेज देने होंगे। महाविद्यालय भवन में उपलब्ध कक्षों की संख्या, प्रयोगशाला, माप और फोटो भी अपडेट करने होंगे। भूमि और भवन आदि से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।
महाविद्यालय में संचालित हरेक कोर्स में नामांकित छात्रों की संख्या, कुल स्वीकृत सीट, प्रवेशित छात्रों की संख्या आदि भी बतानी होगी।
बीएड कॉलेजों को एनसीटीई रेगुलेशन 2014 के नियमानुसार संबंधित विश्वविद्यालय से अनुमोदित शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टॉफ की सूची भी वेबसाईट पर डालनी होगी। वहीं दूसरे निजी महाविद्यालयों को संबंधित विश्वविद्यालय से अनुमोदित शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टॉफ की सूची डालनी होगी। इसमें कर्मचारी का नाम फोटो सहित, पिता का नाम, जन्म तिथि, विषय, क्वालीफिकेशन, नेट, सलेट, पीएचडी, संस्थान में ज्वाइन करने की तिथि, कर्मचारी की स्थिति स्थाई है या अस्थाई और एम्पलाई आईडी नंबर लिखना होगा।