जयपुर

शर्तें बदलीं, निगम को नुकसान…जनता की जेब पर भारी

नगर निगम, राजस्व शाखा के अधिकारी और कर्मचारी ठेकेदारों के कहने पर न सिर्फ शुल्क घटाते बढ़ाते हैं, बल्कि शर्तों को भी बदल देते हैं। हाल ही गांधी नगर रेलवे स्टेशन और मालवीय नगर पुलिया के आस-पास के पार्किंग स्थलों के टेंडर में भी निगम ने ऐसा किया है। शर्तें बदलने से चुनिंदा लोगों को […]

less than 1 minute read
Feb 12, 2026
Feature image

नगर निगम, राजस्व शाखा के अधिकारी और कर्मचारी ठेकेदारों के कहने पर न सिर्फ शुल्क घटाते बढ़ाते हैं, बल्कि शर्तों को भी बदल देते हैं। हाल ही गांधी नगर रेलवे स्टेशन और मालवीय नगर पुलिया के आस-पास के पार्किंग स्थलों के टेंडर में भी निगम ने ऐसा किया है। शर्तें बदलने से चुनिंदा लोगों को फायदा होता है।

निगम की ये प्रक्रिया आरटीपीपी एक्ट के विरुद्ध है। एक्ट और नियमों में प्रावधान है कि निविदा प्रक्रिया में इस प्रकार की कोई भी ऐसी शर्त निर्धांरित नहीं की जाएगी तो खुली निविदा प्रक्रिया की प्रतियोगिता को हतोत्साहित करती हो।

ऐसे हो रहा गड़बड़झाला

-गांधी नगर रेलवे स्टेशन पार्किंग वर्ष 2025 में बोली 42 लाख रुपए तक पहुंची। मामला कोर्ट में चला गया। निगम की कमजोर पैरवी हुई और पुराना ठेकेदार वसूली करता रहा। अब निगम ने इस पार्किंग को करीब 11 लाख रुपए दे दिया। जब निगम इस पार्किंग को संचालित करता था, उस समय प्रतिदिन आठ से दस हजार रुपए वसूली होती थी। ऐसे में निगम ने बिना राजस्व का आकलन कराए बगैर पार्किंग का ठेका दे दिया। अब यहां दोपहिया के 20 और चार पहिया के 40 रुपए निर्धारित किए हैं। पहले यह राशि 10 और 20 रुपए थी।

-मालवीय नगर पुलिया के पास पार्किंग देने के नाम पर निगम ने दरियादिली दिखाई है।

ये शर्तें जोड़ी तो हुआ खास को फायदा

-निगम की ओर से फर्म का पांच वर्ष पुराना रजिस्ट्रेशन, ईएसआइ और पीएफ की अनिवार्यता के साथ एक वर्ष के पार्किंग अनुभव की शर्त के चलते चुनिंदा ठेकेदार ही बोली में भाग ले सके। यहां पर भी अब दोपहिया से 20 और चार पहिया से 40 रुपए वसूल किए जा रहे हैं। जबकि, वर्ष 2025 में निगम ने जो निविदा जारी की थी, उसमें 10 और 20 रुपए का प्रावधान किया था।

Updated on:
14 Feb 2026 05:30 pm
Published on:
12 Feb 2026 06:22 pm