
Confrim Ticket : भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेनों के किराए में छूट देने के मूड में नहीं है। यह छूट कोरोना संक्रमण के समय बंद की गई थी। वरिष्ठ नागरिकों को छूट देने को लेकर उच्चतम न्यायालय में दाखिल की गई याचिका भी खारिज हो गई है। ऐसे में अब किराए में छूट की कोई उम्मीद नहीं है।
भारतीय रेलवे पहले 60 से अधिक उम्र के पुरुषों को 40 और 58 साल की महिलाओं को किराए में 50 फीसदी छूट प्रदान करता था। यह छूट देश की सभी ट्रेनों में मिलती थी। फिर चाहे वह राजधानी हो या शताब्दी। हमसफर हो या फिर गरीब रथ।
उच्चतम न्यायालय में दाखिल याजिका को जस्टिस एसके कौल और अहसानुददीन अमानुल्ला की बेंच ने कहा कि यह राज्य की नीति का विषय है। इस संबंध में अदालत का निर्देश देना उपयुक्त नहीं होगा। बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों और वित्तीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सरकार को करना है।
भारतीय रेलवे की छूट को बहाल करने के लिए एमके बालकृष्णन ने याचिका दाखिल की थी। उनकी दलील थी कि बुर्जुर्गों को रियायत देना सरकार का दायित्व है। इससे पहले संसदीय समिति ने बुजुर्गों की रियायत को फिर से शुरू करने की वकालत की थी। इसके बावजूद लगातार भारतीय रेलवे इस छूट को दोबारा शुरू करने के मूड में नहीं दिख रहा।