भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर मंगलवार को भवानी निकेतन में राज्यस्तरीय समारोह हुआ। इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब का अपमान किया, जबकि वर्तमान सरकार उनके विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
जयपुर। भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर मंगलवार को भवानी निकेतन में राज्यस्तरीय समारोह हुआ। इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब का अपमान किया, जबकि वर्तमान सरकार उनके विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विदेश से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपना जीवन दलित, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित किया। संविधान निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है और उनका योगदान देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि आरबीआई और वित्त आयोग जैसी संस्थाओं की परिकल्पना भी बाबा साहेब की सोच का परिणाम है। श्रमिकों के लिए काम के घंटे 12 से घटाकर 8 करने का निर्णय भी उनके योगदान का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने नारी सशक्तिकरण और समान अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने नारी वंदन अधिनियम लागू किया है, जिससे महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश का परिदृश्य बदला है और भारत का वैश्विक स्तर पर कद बढ़ा है। बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया है और इस वर्ष से संविधान दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने की घोषणा की गई है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने बाबा साहेब को चुनाव में हराने का प्रयास किया और उन्हें भारत रत्न तक नहीं दिया। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय संविधान की आत्मा को कुचल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वंचित और पिछड़े वर्ग के नाम पर केवल दिखावे की राजनीति करती रही है।
इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर राज्यभर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो वंचित और शोषित वर्ग के लिए समर्पित हैं। उन्होंने बताया कि कन्यादान योजना के तहत राशि वितरण किया जा रहा है और पिछली सरकार की तुलना में पेंशन व्यवस्था में सुधार हुआ है।
कार्यक्रम में ‘समाधानसाथी’एआईचैटबॉट का शुभारंभ किया गया, जिससे पेंशन, छात्रवृत्ति, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज और पात्रता संबंधी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। साथ ही 10 नए छात्रावासों का लोकार्पण और 17 छात्रावासों का शिलान्यास किया गया। जामडोली स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 50 लाख रुपए की आधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन भी किया गया।
इस अवसर पर पेंशन एवं पालनहार योजना के लाभार्थियों को 1363 करोड़ रुपए की राशि का हस्तांतरण किया गया और मेधावी छात्रों को विभिन्न अंबेडकर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा, मंत्री झाबर सिंह खर्रा, संजय शर्मा सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे।