
जयपुर/नई दिल्ली। दिल्ली में दो दिन चली छानबीन समिति की बैठक में 17 सीटों पर एकल नाम के उम्मीदवार को लेकर सहमति बन चुकी है। बैठक में सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार को लेकर पैमाना देखा जा रहा है। जिन सीटों पर एकल नाम की सहमति बनी है, उनमें जोधपुर, जालोर-सिरोही, बाड़मेर-जैसलमेर, उदयपुर, बांसवाड़ा-डूंगरपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, झालावाड़-बारां, पाली, श्रीगंगानगर, बीकानेर, राजसमंद, कोटा-बूंदी, दौसा, धौलपुर-करौली और नागौर लोकसभा सीट हैं।
आठ सीटों अजमेर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, चूरू, भरतपुर, चित्तौडग़ढ़़, टोंक-सवाईमाधोपुर और भीलवाड़ा पर पेंच फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ पर भाजपा की ओर से पहले एलान किए जाने का इंतजार किया जा रहा है। छानबीन समिति की अगली बैठक 15 मार्च को हो सकती है। उसके बाद सीईसी में नाम भेजे जाएंगे। जिन सीटों पर सहमति नहीं बनेगी, उनका जिम्मा आलाकमान पर छोड़ा जाएगा।
उम्मीदवार चयन पर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार
उम्मीदवार चयन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की ओर से अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें उम्मीदवार की पारिवारिक पृष्ठभूमि, संगठन के लिए किए कार्य व हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में निभाई गई भूमिका का उल्लेख है। इन रिपोर्ट का मिलान शक्ति के सर्वे से भी किया गया है। शक्ति के जरिए कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को फोन कर उनके पसंद के नाम पूछे थे।
सभी सीटों पर चर्चा हुई और अधिकतर सीटों पर आमराय बन गई है। लेकिन सीडब्ल्यूसी के बाद छानबीन समिति की एक और बैठक होगी।
अविनाश पांडे, प्रदेश प्रभारी महासचिव
सभी सीटों पर मोटे तौर पर सिंगल नाम के पैनल पर आमराय बन चुकी है। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से पहले जो कई दौर की रायशुमारी की गई थी, उससे नाम चयन में फायदा मिला है।
सचिन पायलट, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष