गोरखपुर

किसी काम का नहीं गोपालन मंत्रालय!

प्रदेश में गौ संरक्षण और विकास के लिए गोपालन मंत्रालय बनाया है। सैकड़ों की संख्या में गायें मर रही है। सरकार खुद मानती है कि गोपालन मंत्रालय गायों को बचाने में नाकाम रहा है, तभी गायों का जिम्मा निजी हाथों में दिया जा रहा है। एेसे में गोपालन मंत्रालय का औचित्य क्या है

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Aug 13, 2016
Congress movement at the death of cows
Congress movement at the death of cows

जयपुर. प्रदेश में गौ संरक्षण और विकास के लिए गोपालन मंत्रालय बनाया है। सैकड़ों की संख्या में गायें मर रही है। सरकार खुद मानती है कि गोपालन मंत्रालय गायों को बचाने में नाकाम रहा है, तभी गायों का जिम्मा निजी हाथों में दिया जा रहा है। एेसे में गोपालन मंत्रालय का औचित्य क्या है। यह सवाल उठाया है कांग्रेस ने।

सरकारी संरक्षण में गायों की मौत सबको आहत कर रही है

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि प्रदेश की समस्त राजकीय गोशालाओं में गायों की दुर्दशा हो रखी है, जिसके परिणामस्वरूप हजारों की संख्या में गायें मर चुकी है। सरकारी संरक्षण में गायों की मौत सबको आहत कर रही है। भाजपा ने गाय के मुद्दे पर सियासी लाभ तो लिया है, लेकिन सत्ता में आने के बाद गोवंश की अनदेखी कर उसे मरने के लिए छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जब सरकार यह मानती है कि वह गोशालाओं को संचालित करने में सक्षम नहीं है और इनके संचालन के लिए इन्हें निजी संस्थाओं को सुपुर्द करेगी तो फिर गो मंत्रालय का कोई औचित्य नहीं बचा है।

गौ बचाओ पैदल मार्च निकाला

जयपुर राजधानी सहित प्रदेश में कांग्रेस ने शनिवार को गौ बचाओ पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च जिला मुख्यालय स्तर पर निकाला गया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने सरकारी गौ शालाओं में लगातार मर रही गायों के मामले में चिंता जताई तथा सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया।

Published on:
13 Aug 2016 09:16 pm