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राजस्थान में चुनाव से पहले कर्नाटक की बारी, जानिए कांग्रेस ने घोषणा पत्र में जनता से क्या किए वादे

राजस्थान में चुनाव से पहले कर्नाटक की बारी, जानिए कांग्रेस ने घोषणा पत्र में जनता से क्या किए वादे

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Apr 27, 2018

जयपुर/ मेेंगलुरू।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले सभी की नज़रें कर्नाटक राज्य के चुनाव पर टिकी हुई हैं। प्रदेश के लिए कर्नाटक चुनाव के नतीजे इसलिए भी महत्वपूर्ण रहेंगें कि इससे जीतने वाली पार्टी का मनोबल बढ़ेगा। इस चुनाव के संपन्न होने के ठीक बाद दोनों प्रमुख सियासी दलों भाजपा और कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व, राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाने पर जुट जाएगा।
बहरहाल कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। जारी हुए घोषणा पत्र को राजस्थान के प्रस्तावित चुनाव के मद्देनज़र प्रदेश कांग्रेस के घोषणा पत्र की झलक माना जा सकता है।

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ये किया कांग्रेस ने कर्नाटक जनता से वादा
कर्नाटक में आगामी 12 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी कर दिया। कांग्रेस ने राज्य में 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने, किसानों की आमदनी दुगनी करने और 18 से 23 वर्ष की आयु के कालेज जाने वाले छात्रों को स्मार्ट फोन देने का वादा किया है।

पार्टी ने 52 पेजों के इस घोषणा पत्र में किसानों, खेतिहर मजदूरों और कृषि क्षेत्र से जुडें अन्य लोगों की आधारभूत जीविकोपार्जन स्थितियां सुनिश्चित करने के लिए एक वैधानिक कृषक आमदनी आयोग गठित करने का आश्वासन दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से जारी किए गए इस घोषणा पत्र में किसानों को फसलों के उत्पादन, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक क्षेत्रों पर ध्यान देेने की बात कही गई है। इस घोषणा पत्र को जनता का घोषणा पत्र करार देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी के सत्ता में आने के बाद इसके हर वादे को पूरा किया जाएगा और पार्टी ने 2013 के घोषणा पत्र केे सभी वादों को क्रियान्वित कर दिखाया है।

इस मौके पर गांधी ने कहा, 'पिछले चुनावों की तरह इस बार मेरी तथा पार्टी नेताओं की यही प्रतिबद्वता है कि हम अपने सभी वादों को पूरा करेंगे और पिछली बार किए गए वादों को 95 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है और कांग्रेस की सोच महात्मा बासावन्ना वाली है। महात्मा जी ने कहा था कि आप जो कहते हो उसे पूरा कर दिखाओ और हम उन्हीं के विचारों को लेकर आगे बढऩे में विश्वास करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विचारों को 'मन की बात' के जरिए व्यक्त करते हैं, लेकिन इस घोषणा पत्र में राज्य के लोगों के मन की बात है।'

उन्होंने कहा, 'इस घोषणा पत्र में लोगों की इच्छाओं और सलाह को शामिल किया गया है क्योंकि राज्य के दौरे के दौरान लोगों से रूबरू होने का मौका मिला था। भारतीय जनता पार्टी के घोषणा में कुछ अलिखित बातें होंगी और इसमें भ्रष्टाचार, रेड्डी बंधुओं के बारे में विचार किया जाएगा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि इस घोषणा पत्र को कर्नाटक के लोगों के नहीं बनाया जाएगा बल्कि इसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दो चार लोग ही मिलकर तैयार करेंगे कि उन्हें कर्नाटक में क्या चाहिए।'

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Published on:
27 Apr 2018 02:27 pm
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