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जयपुर।
प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए दो दिन इन्टरनेट सेवा बंद किए जाने को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि यह भाजपा सरकार को उनके नारे डिजीटल इण्डिया को आईना दिखाने वाला है। कांग्रेस की ओर से शनिवार को जारी बयान में पायलट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को कराने के लिए नकल करवाने वालों को चिन्हित करने में विफल रही। लेकिन उनकी इस विफलता का खामियाजा प्रदेश के नागरिकों को भुगतना पड़ा है। यह सरकार का निर्णय जनहित में नहीं माना जा सकता। इन्टरनेट सेवा सुबह से शाम तक बंद करने से चिकित्सीय, बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक और सभी ऑन लाइन सेवाएं ठप रही। जबकि होना तो यह चाहिए था कि सरकार परीक्षा केन्द्रों पर जेमर लगाती और जांच व्यवस्था को मजबूत कर पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराती।
संभावित धांधली से अपना पल्ला झाडऩे का काम
पायलट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने लोगों की दुविधा की अनदेखी कर इन्टरनेट बंद करने के सरल तरीके को अपनाकर परीक्षा में होने वाली संभावित धांधली से अपना पल्ला झाडऩे का काम किया है, जो इस बात का भी गवाह है कि प्रदेश सरकार परीक्षाओं में नकल को नियंत्रित करने में पूरी तरह से नाकाम है। मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के व्यापमं घोटाले के बावजूद भाजपा सरकार ने कोई सबक नहीं लिया और परीक्षा आयोजित करने के दौरान जो मूलभूत सावधानियां बरती जानी चाहिए उन्हें लागू करने में विफल रहे।
सरकारी व गैर सरकारी कामकाज ठप्प
उन्होंने कहा कि इन्टरनेट पर पाबंदी लगाकर सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन्टरनेट को बंद रखने के निर्णय ने प्रदेश की जनता पर विपरीत प्रभाव डाला है और समस्त सरकारी व गैर सरकारी कामकाज ठप्प हो गये हैं। इन्टरनेट को बंद रखने की नीति अपनाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि उसका डिजीटल इण्डिया का नारा सिर्फ दिखावा है और तकनीक के दुरूपयोग पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है।