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कांस्टेबल परीक्षा- दिखे अजब गजब दिखे नजारे, एक पेड़ मन्नतों के धागों से घिरा रहा तो कहीं हुई फजीहत

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बूंदी

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Rajesh

Jul 15, 2018

 कांस्टेबल  परीक्षा

कांस्टेबल परीक्षा

बूंदी.

पुलिस मुख्यालय द्वारा कांस्टेबल की भर्ती के लिए बूंदी में 6 सेंटरों पर आयोजित कांस्टेबल की भर्ती में परिक्षार्थियों ने अपना भाग्य आजमाया। उम्मीदों पर सवार भावी सिपाहियों को परिक्षा देने से पहले कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नकल गिरोहों के कारण निरस्त की जा चुकी कांस्टेबल परिक्षा को लेकर इस बार पुलिस प्रशासन चौतरफा सर्तक रहा। खुफिया तंत्र की निगरानी के बीच आयोजित परिक्षा के कड़े नियमों से परिक्षार्थियों को गुजरने में पसीने छूटे। सुरक्षा की तमाम व्यवस्थाओं के साथ परिक्षार्थियों को परीक्षा सेंटर से पहले ही मेटल डिटेक्टर जांच से गुजरना पड़ा। अंदर प्रवेश करने से पहले पुलिस ने परिक्षार्थियों की शर्ट व गले और बाहों में बंधे मन्नत के धागे व ताबीज उतरवा लिए गए। वहीं महिलाओं को अपना सोने का मंगलसूत्र व टॉप्स ओर बालों में लगे क्लिप व बक्कल उतारकर अंदर जाना पड़ा।

निदेर्शो के बाद भी घनचक्कर हुए विद्यार्थी

कांस्टेबल भर्ती परिक्षा को लेकर पूर्व में ही पुलिस प्रशासन द्वारा नियमों के निर्देश जारी करने के बाद भी परिक्षार्थी परिक्षा से पहले घनचक्कर होते रहे। कोई आधार कार्ड तो कोई बाल पेन को लेकर दौड़ता नजर आया।

कई जगह मिली छूट तो कहीं हुई फजीहत-

पुरुष महिला अभ्यर्थियों को हाफ बाजू की शर्ट, कुर्ता, पेंट व बालोंं में साधारण रबड़ बैंड की अनुमति थी लेकिन आधे ही परिक्षार्थी नियमों को फॉलों करते दिखे बाकि परिक्षार्थियों को एग्जाम सेंटर के बाहर ही रोक लिया गया। पुलिस ने बॉयज से शर्ट, बेल्ट, व गले में बंधा मन्नत का धागा और हाथों के कड़े खुलवा लिए तो महिलाओं को अपना मंगलसूत्र व सोने के टॉप्स बालिया खोलनी पड़ी तभी परिक्षा सेंटर में प्रवेश मिला। सभी परिक्षार्थियों की बारी बारी से मेटल डिक्टेटर द्वारा जांच से गुजरना पड़ा। आधे परिक्षार्थी अर्द्धनग्न होकर शामिल हुए।

अजब गजब दिखे नजारे-

राजकीय महाविद्यालय के बाहर लगा पेड़ शनिवार को मन्नतों के धागों से घिरा नजर आया। दरअसल यहां प्रवेश से पहले परिक्षार्थियों के गले व बाजुओं में बंधे धागे व ताबिज उतरवा लिए गए, परिक्षार्थियों ने धागे इस पेड के निचे डालते गए ऐसे में पेड़ मानो धार्मिक आस्था का केन्द्र जैसा नजर आया। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने आए परिक्षार्थी अपने साथ पासबुक सहित अन्य सामान लेकर आए जिन्हें रखने के लिए उन्हें पेड़ ही सुरक्षित नजर आया। कॉलेज के बाहर लगे पेड़ पर परिक्षार्थी अपनी शर्ट और अन्य सामानों को पेड़ पर रखा। जिले का सबसे बड़े राजकीय महाविद्यालय में प्रशासन मुख्य गेट पर हो रहें गड्ढों को इस बारिश में भी ठीक नही करवा पाया ऐसे में कांस्टेबल भर्ती परिक्षार्थियों को कूद फांद कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। शनिवार को मौसम ने भी भावी सिपाहियों की परीक्षा ली। पहले परिक्षार्थी उमस से बैचेन नजर आए फिर बारिश में भीगते हुए परिक्षा में पहंचे। इस दौरान महिला परिक्षार्थियोंं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

रोडवेज प्रशासन व्यवस्था करने में नाकाम दौड़ते-भागते रहे भावी सिपाही-

यात्रियों के आवागमन को लेकर एक मात्र सुविधाजनक साधन रोडवेज बसों की कमी शनिवार को एक बार फिर खली इसी के साथ कांस्टेबल भर्ती परीक्षा रोडवेज बसों की व्यवस्था को लेकर सारे दावे हवा नजर आए। परिक्षार्थियों के लिए मात्र तीन बसें ही सडक़ो पर दौड़ती नजर आईं । पहले से खटारा बसों को सडक़ो पर दौडाने में ड्राइवरों की भी सांसे फूलती नजर आई। आलम यह था कि दोपहर 12बजे बरूंधन में आई बारिश के चलते बस ड्राइवर को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों में वाइपर नही होने से उन्हें बसों की गति को धीमा करना पड़ा ऐसे में अमूमन पोन घंटे में पहुंचने वाले रोडवेज की बसे बूंदी करीब पोने दो घंटे में पहुंची। वहीं बसों में सफर करने के लिए यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। बसों की सख्ंया पर्याप्त नही होने से यात्री रोडवेज बसों की तरफ मुंह ताकते से ही रह गए। पहले से फुल बसों में यात्री क्षमता से दुगुने भरे नजर आए।

यहां एएसपी ने संभाला मोर्चा-

बूंदी बस स्टेंड परिसर शनिवार को भावी सिपाहियों से खचाखच भरा नजर आया। चार पारियों में आयोजित परिक्षा के दौरान सुबह व दोपहर की पारी वाले परिक्षार्थी अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे। लेकिन रोडवेज प्रशासन की ओर से कोई माकुल इंतजामात नही होने के चलते परिक्षार्थियों को अपने गंतव्य की ओर जाने में पसीना बहाना पड़ा। इस बीच एएसपी दशरथ सिंह परिक्षार्थियों का दिल बहलाते नजर आए। उन्होनें रोडवेज मुख्य प्रबंधक को परिक्षार्थियों की पीड़ा बताई और बसों का इंतजाम करने की बात कही तब जाकर कहीं बसों का इंतजाम हो सका। लेकिन लंबे रूट पर चलने वाली बसों को इस दौरान निरस्त करना पड़ा। कई बसों की छतो पर चढ़ गए तो कोई खिड़कियों के रास्ते बसों के अंदर घुसा। छतों पर बैठे परिक्षार्थियों को हलांकि पुलिस प्रशासन नीचे उतारने के लिए मशक्कत करता नजर आया।