
राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी गुरूवार को बूंदी जिले के हिंडोली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथूर स्थित हरिपुरा गांव पहुंची। वहां उन्होंने उन पंचों से मुलाकात की, जिन्होंने टिटिहरी के अंडे फूटने पर 6 साल की बच्ची को सामाजिक बहिष्कार की सजा दी थी। आयोग ने इस मामले में प्रसंज्ञान लिया है। मनन चतुर्वेदी ने पंचों को लताड़ लगाई और उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए पाबंद किया। पंचों को डांटते हुए उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के चलते एक बच्ची को उसके मां बाप से दूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एक बच्ची के पैर से गलती से अंडा टूट गया, आपके पैर से तो कई चींटियां मर गई होंगी। वो जीव जो आंखों से दिखाई नहीं देते, उनकी हत्या तो रोज आप अनजाने में करते हैं। ऐसे में आपको क्या सजा दी जाए...? आयोग अध्यक्ष चतुर्वेदी ने ब्लॉक विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण इकाई का गठन किया जाए।
पत्रकारों से मनन चतुर्वेदी ने कहा कि गांव में और भी दूसरी समस्याएं हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता एफआईआर दर्ज करवाकर इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। उनका कहना था कि सरकार ने हर स्तर पर ऐसे लोगों को नियुक्त किया, जिनसे पीड़ित शिकायत कर सकते हैं, लेकिन जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक ऐसी घटनाएं बंद नहीं होंगी। इस केस में भी किसी पड़ोसी या ग्रामीण ने सही व्यक्ति तक बात पहुंचाने की कोशिश नहीं की।
ये है पूरा मामला
मामला है हिंडोली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथूर में स्थित हरिपुरा गांव का। हरिपुरा निवासी हुकमचंद रैगर ने बताया कि दो जुलाई को उसकी छह वर्षीय पुत्री खुशबू अपनी माता के साथ विद्यालय में नामांकन के लिए गई थी। वहां पर दूध पिलाने के लिए बालिकाओं की लाइन लग रही थी। इसी दौरान अचानक खुशबू का पैर टिटहरी के अंडे पर पड़ गया, जिससे अंडा फूट गया।
Published on:
12 Jul 2018, 11:41 PM IST
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