जयपुर

3 राज्यसभा सीटों पर जीत को लेकर आश्वस्त है कांग्रेस थिंक टैंक, नंबर गेम होने का दावा

-तीन सीटों पर जीत के लिए कांग्रेस को चाहिए 123 वोट, दावा 126 वोटों का,13 में से 12 निर्दलीय विधायक और दो बीटीपी विधायक भी पहुंचे कांग्रेस खेमे में

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Jun 09, 2022

जयपुर। प्रदेश में 4 सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव में से 3 सीटों पर जीत को लेकर कांग्रेस थिंक टैंक पूरी तरह से आश्वस्त है। बीटीपी विधायकों के कांग्रेस खेमें में आने के बाद कांग्रेस ने 3 सीटों पर जीत के लिए जरूरी आंकड़ा जुटा लिया है। 3 सीटों पर जीत के लिए कांग्रेस को 123 वोट चाहिए जो उसके हाथ में हैं।

हालांकि कांग्रेस का दावा 126 वोटों का है लेकिन एक निर्दलीय विधायक और दो माकपा विधायक अभी भी कांग्रेस खेमे से दूर हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों की ओर से उन्हें भी मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इधर कांग्रेस थिंक टैंक का मानना है कि 3 सीटों पर जरूरी जीत का आंकड़ा तो उसके पास है लेकिन पार्टी प्रत्याशियों को सर प्लस वोट मिलने चाहिए। इसलिए एक निर्दलीय और दो माकपा विधायकों को भी साथ लाया जाए।

निर्दलीय विधायकों में सेंधमारी की अटकलों ने बढ़ाई थी पार्टी की चिंता
हालांकि इससे पहले पार्टी से नाराज चल रहे कांग्रेस विधायक और निर्दलीय विधायकों में सेंधमारी की अटकलों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित पार्टी थिंक टैंक की चिंता बढ़ाई हुई थी, जिसके बाद सीएम गहलोत सहित कई नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे और निर्दलीय विधायकों और पार्टी के नाराज विधायकों से मुलाकात करके उनकी नाराजगी दूर की थी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मिले आश्वासन के बाद 13 में से 12 निर्दलीय विधायक और कांग्रेस के नाराज विधायक भी अपनी नाराजगी खत्म करके कांग्रेस खेमे में चले गए थे और कांग्रेस के साथ खड़े रहने के दावे किए थे। इसके बाद कांग्रेस ने भी राहत की सांस ली थी।

सेंधमारी के दावों में कितना दम
इधर भाजपा समर्थित निर्दलीय राज्यसभा प्रत्याशी सुभाष चंद्रा की ओर से कांग्रेस खेमे में सेंधमारी और क्रॉस वोटिंग कराने के दावे भले ही किए हों लेकिन इन दावों में कोई खास दम नजर नहीं आता। सियासी गलियारों में भी ऐसी चर्चाएं हैं कि सेंधमारी के प्रयास खूब किए गए थे लेकिन सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक और कांग्रेस के नाराज विधायकों में सुभाष चंद्र सेंध नहीं लगा पाए।
हालांकि सुभाष चंद्रा के दावों में कितना दम है यह तो कल राज्यसभा के लिए होने वाले मतदान के बाद ही साफ हो पाएगा कि चंद्रा कांग्रेस खेमे में सेंधमारी लगा पाए या नहीं।

सीएम के लिए साख का सवाल है राज्यसभा चुनाव
वहीं 4 सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए साख का सवाल बने हुए हैं। चूंकि तीनों ही सीटों पर कांग्रेस आलाकमान ने जो प्रत्याशी उतारे हैं वो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नजदीकी माने जाते हैं।

ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सोनिया गांधी ने तीनों ही सीटों पर जीत दिलाने का टास्क दिया था, माना जा रहा है कि सोनिया गांधी की ओर से दिए गए टास्क को पूरा करने के लिए ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एड़ी-चोटी का जोर लगाते हुए कांग्रेस विधायकों को एकजुट कर रखने में अपना सियासी कौशल दिखाया है।


यह है कांग्रेस खेमे का गणित
दरअसल कांग्रेस खेमा 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है। इस लिहाज से कांग्रेस के पास 108 विधायक हैं, एक आरएलडी का विधायक है। 13 निर्दलीय, दो बीटीपी और दो माकपा के विधायक हैं।

सियासी संकट और पूर्व में हुए राज्यसभा चुनाव में भी दिया था कांग्रेस का साथ
वहीं दूसरी ओर 13 निर्दलीय विधायकों, बीटीपी और माकपा के विधायकों ने साल 2020 में आए सियासी संकट के दौरान भी सरकार के साथ खड़े रहते हुए सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा पूर्व में 3 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी निर्दलीय, बीटीपी और माकपा विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था।

Published on:
09 Jun 2022 11:22 am
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