
Yamuna Water Pipeline Project: जयपुर। यमुना जल को पाइपलाइन के जरिए चूरू तक लाने की डीपीआर पर बुधवार को हरियाणा और राजस्थान में सहमति बन गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने इसे आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फरवरी में डीपीआर पर सैद्धान्तिक सहमति बनने के बाद से ही डीपीआर पर हरियाणा की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आ रहा था। ऐसे में डीपीआर की स्थिति अटकी हुई थी।
सीएम शर्मा ने दिल्ली के पिछले दौरों के दौरान केन्द्रीय मंत्री पाटिल को इस बारे में अवगत करवाया था। इस पर बुधवार को राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्री और आला अधिकारियों की मीटिंग पाटिल के आवास पर हुई, जहां पाटिल ने सभी लंबित बिंदुओं का निराकरण बैठक में ही करने के लिए कहा। राजस्थान पहले से ही छह जगहों से पेयजलापूर्ति (टैपिंग पॉइन्ट्स) के प्रावधान को डीपीआर में शामिल कर चुका था।
हरियाणा के अधिकारियों के पानी की मात्रा का सवाल उठाने पर सीएम शर्मा ने पानी आने पर सबको मिलने की बात कही तो हरियाणा के सीएम सैनी ने भी इससे सहमति जताई। हरियाणा की ओर से 8 जगहों से पानी की आपूर्ति के लिए कहा गया जिसे स्वीकारते हुए डीपीआर को अपलोड करने के निर्देश बैठक में ही दे दिए गए।
सीएम शर्मा ने बताया कि बैठक के दौरान किशाऊ परियोजना पर सभी संबंधित राज्यों में सहमति बनाने के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान राजस्थान को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के जरिए हरियाणा के रास्ते दिल्ली से अलवर को जोड़ने की परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। बैठक में भिवाडी में जल भराव की समस्या पर भी चर्चा हुई।
-17 फरवरी, 2024 को हुआ था राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू।
-हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हासियावास तक 265 किलोमीटर तीन पैरेलल पाइप लाइन डलेगी।
-चूरू, सीकर, झुंझुनूं को 577 एमसीएम पानी मिलेगा।
-ऊपरी यमुना बेसिन के रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ से इसी पाइपलाइन से आएगा पानी।
राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच 12 मई, 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत हथिनी कुंड से मानसून अवधि में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया था। कुल पानी का 40.6% हरियाणा, 35.1% यूपी, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश के बीच बंटवारा होना था। तीन दशक से लागू नहीं हो सका यह समझौता अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने फोटो शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली स्थित निवास पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, सिंचाई एवं जल शक्ति मंत्रालय से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
यमुना जल प्रोजेक्ट से राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और चूरू को फायदा होगा, जहां अभी पानी की समस्या है। राजस्थान सरकार ने 300 किलोमीटर लंबाई में पाइपलाइन बिछाने के लिए अलाइनमेंट सर्वे किया गया था। इसमें 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में होगा। इसकी डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को पहले भी भेजी जा चुकी है।