सामाजिक समरसता सम्मेलन-कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद ने पाकिस्तान का उदाहरण देकर कहा धर्म की बुनियाद पर नहीं चल सकता देश
शादाब अहमद / जयपुर. कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद ने धर्म के आधार पर मदेश के विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्ना को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि वे शराबी थे। इसके साथ ही कुरान की बातों को जिन्ना जाहिल मुसलमानों को डराने के लिए लिखा होना बताया करते थे।
जावेद ने यह बात रविवार को महावीर पब्लिक स्कूल में सामाजिक सम्मेलन में कहीं। उन्होंने कहा कि धर्म की बुनियाद पर कोई देश नहीं चल सकता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पाकिस्तान है। 1971 में भाषा के नाम पर पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। वहीं मौलाना अबुल अलाम आजाद ने हिन्दू-मुस्लिम एकता की वकालत कर भारत में रहना पसंद किया। यदि धर्म के आधार पर देश को चलाने की कोशिश की गई तो यह देश की एकता और अखंडता पर हमले जैसा होगा। दक्षिणपंथी ताकतों को समझ लेना चाहिए कि भारत में कभी ऐसा नहीं हो सकेगा।
तकनीक का सही उपयोग हो
जावेद ने कहा कि तकनीक का सही उपयोग होना चाहिए। सामाजिक समरसता जैसे कार्यक्रमों का भले ही छोटे-छोटे मंचों पर किया जाए, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से इसका हजारों-लाखों लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके साथ ही कट्टरपंथी ताकतों को हराने की शुरुआत राजस्थान से हो चुकी है। पिलछे महीनों में हुए उपचुनावों में कट्टरपंथी ताकतों को करारी हार का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम की आयोजक कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा, सीए प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष विजय गर्ग समेत कई अन्य सामाजिक संगठन थे।
भाषण फुल, बाकी सबकुछ गुल
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम ने कंधे से कंधा मिलाकर आजादी की लड़ाई से लेकर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा, लेकिन भाजपा के शासन में यह सामाजिक ताना-बान बिखर गया है। नकली हिन्दूत्व और कपटी राष्ट्रवाद के नाम पर लोगों को बरगलाया जा रहा है। जिस संगठन के दफ्तर पर आजादी के कई सालों बाद तक तिरंगा नहीं लहराया गया हो, आज वो देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांटते फिर रहे हैं।