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Matka Water Side Effects : मटके का पानी खतरनाक कैसे है? आयुर्वेदिक डॉक्टर इससे जुड़े 5 सवालों के दिए जवाब

Matka ka Pani pine ke Nuksan : मटके का पानी आयुर्वेद में अमृत समान बताया गया है। पर, इसके नियम फॉलो नहीं करने पर ये नुकसानदेह भी है। आयुर्वेदिक डॉ. अर्जुन राज ने बताया है कि मटके का पानी कब नुकसान पहुंचाता है।

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जयपुर

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Ravi Gupta

Apr 21, 2026

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मटके का पानी (प्रतीकात्मक तस्वीर) Photo - Gemini AI

Matka Water Side Effects In Hindi : गर्मी के दिनों में मटके का पानी पीना हेल्दी माना जाता है। हालांकि, फ्रिज के ठंडे पानी के तुलना में ये अधिक स्वास्थ्यवर्धक भी है। पर, इसके कुछ नकुसान (Matka ka pani pine ke Nuksan) भी हैं। आयुर्वेदिक डॉ. अर्जुन राज ने बताया है कि मटके का पानी पीने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

Doctor Advice : मटके के पानी के नुकसान क्या हैं?

नीचे दिए 5 सवाल-जवाब के जरिए हम इस बात को समझेंगे-

सवाल 1- मटका में पानी कितने दिन तक स्टोर कर सकते हैं?

डॉक्टर का जवाब- पानी को 1 से 2 दिन से ज्यादा स्टोर न करें। सबसे अच्छा नियम यह है कि सुबह का भरा पानी शाम तक और शाम का भरा पानी सुबह तक पिएं।

सवाल 2- क्या पुराना मटका बदल देना चाहिए?

डॉक्टर का जवाब- हां, एक मटके को एक ही सीजन तक इस्तेमाल करें। अगले सीजन में नया मटका लें। पुराने मटके को रखने के बाद उसमें खतरनाक कीड़े पनप जाते हैं। इसलिए, बदल देना सबसे बेहतर होता है। कई लोग जब तक मटका फूटता नहीं तब तक नहीं बदलते। इससे उनको फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है। अगर मटका बहुत पुराना है, तो उसके छिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे वह पानी को सही तरह से साफ और ठंडा नहीं कर पाता।

सवाल 3- गंदे मटका से किन बीमारियों का खतरा?

डॉक्टर का जवाब- यदि मटका गंदा है या पुराना पानी पिया जाए, तो टाइफाइड, दस्त (डायरिया), गले में संक्रमण और पेट की अन्य बीमारियां हो सकती हैं।

सवाल 4- किन लोगों को मटके का पानी नहीं पीना चाहिए?

डॉक्टर का जवाब- जिन लोगों को बार-बार सर्दी, खांसी या गले में खराश रहती है, उन्हें मटके के ठंडे पानी से बचना चाहिए। साथ ही पेट की बीमारी और साइनस के मरीजों को भी बचना चाहिए।

सवाल 5- मटके की सफाई और रखरखाव के नियम क्या हैं?

डॉक्टर का जवाब- मटके को हर दिन या कम से कम हर दूसरे दिन अच्छी तरह साफ करें, अन्यथा इसमें बैक्टीरिया, काई (Algae) और शैवाल जम सकते हैं। इसके अलावा निम्नलिखित बातों का ध्यान रखं-

  • मटके से पानी निकालने के लिए हमेशा हैंडल (लंबी डंडी) वाले बर्तन का उपयोग करें।
  • मटके के अंदर हाथ डालकर पानी कभी न निकालें।
  • धूल-मिट्टी या कीड़ों से बचाने के लिए मटके को हमेशा ढक्कन से ढंक कर रखें।
  • सप्ताह में एक बार मटके को खाली करके कुछ देर धूप में जरूर सुखाएं, इससे कीटाणु मर जाते हैं।

डॉ. राज कहते हैं कि यदि इन सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए, तो मटके का पानी प्राकृतिक, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बना रहता है। इसलिए, मटके के पानी को लेकर कोई लापरवाही ना करें।

बस स्टैंड या सड़क किनारे मटके से पानी पीना खतरनाक!

वो कहते हैं कि अक्सर हम मटके के पानी को हेल्दी मानकर पी लेते हैं। जबकि, सबसे पहले ये चेक करें कि मटके का पानी कहां रखा हुआ है, उसकी साफ-सफाई कैसी है आदि-इत्यादि। हालांकि, सार्वजनिक स्थान पर साफ-सफाई कम ही होती है इसलिए पीने से पहले पानी चेक कर लें। अगर आसपास गंदगी है, मटके में कीड़े हैं तो ना पिएं।