
विकास जैन
जयपुर. प्रदेश में कोविड—19 की तीसरी लहर के दौरान रोजाना हजारों की संख्या में बेहद कम या बिना लक्षण वाले लोग कोविड संक्रमित पाए जा रहे हैं। ऐसे मरीजों के रिकवर होने पर कार्य स्थल पर आने के दौरान आइसोलेशन के नियमों को लेकर असमंजस सामने आ रहा है। कई निजी व सरकारी कार्यालयों में इनसे कोविड की निगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार कोविड के मौजूदा स्वरूप में इसकी आवश्यकता नहीं है।
अब संक्रमित पाए जाने के बाद सात दिन तक सख्त आइसालेशन में रहना चाहिए। इसके आखिरी तीन दिन यानि पांचवें, छठे और सातवें दिन कोविड के लक्षण नहीं होने चाहिए। लक्षण नहीं होने पर आठवें दिन बिना आरटीपीसीआर कोविड जांच कराए अपने कार्य स्थल पर लौटा जा सकता है।
रोजाना मिल रहे 10 हजार के करीब या इससे अधिक मरीज
प्रदेश में पिछले एक पखवाड़े से कोविड के नए मरीजों की संख्या प्रतिदिन बड़ी संख्या में आ रही है। इस दौरान कई बार नए मामले 10 हजार के आस पास या 15 हजार के पार भी पहुंच चुके हैं। लेकिन इस बार इनमें से 98 प्रतिशत तक मरीजों में बेहद कम लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को भी आइसोलेशन में रहना आवश्यक है। आइसोलेशन की इस नई व्यवस्था से अब संक्रमितों के लिए काम पर वापस लौटना आसान हो गया है।
वर्जन
संक्रमित पाए जाने के पांचवें से सातवें दिन तक कोई लक्षण नहीं है तो काम पर वापस जा सकते हैं। इस समय अधिकांश मरीज हल्के लक्षण वाले हैं।
डॉ.सुधीर भंडारी, प्राचार्य एवं नियंत्रक, एसएमएस मेडिकल कॉलेज