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Rajasthan: निकाय चुनाव के आरक्षण में धांधली का आरोप, डोटासरा बोले- ‘जाना पड़ा तो कोर्ट जाएंगे’

Rajasthan Nikay Elections: गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय चुनाव के आरक्षण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने OBC आरक्षण कम होने, SC-ST की लॉटरी में गड़बड़ी और भरतपुर में लॉटरी दोबारा निकाले जाने पर सवाल उठाए। डोटासरा ने कहा कि यह गलती या गफलत नहीं, बल्कि बेईमानी है। उन्होंने साफ कहा कि जरूरत पड़ी तो कांग्रेस इस मामले को कोर्ट में ले जाएगी।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Aug 18, 2026

Govind Singh Dotasara

Govind Singh Dotasara: गोविंद सिंह डोटासरा (फोटो-एएनआई)

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के आरक्षण को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने आरक्षण की लॉटरी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह गलती या गफलत नहीं, बल्कि बेईमानी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

डोटासरा ने कहा, 'आप बताइए OBC का जो आरक्षण था, वो कम क्यों हुआ? SC-ST की लॉटरी आपने गलत कैसे निकाली? कुल जनसंख्या में SC की बता दी, SC में OBC की बता दी। कई जगह लॉटरी दोबारा निकालनी पड़ी। यह गलती, गफलत नहीं है, यह बेईमानी है, जिसको हमारे लोगों ने पकड़ लिया तो दोबारा कर दिया।'

भरतपुर में लॉटरी दोबारा निकालने पर सवाल

उन्होंने कहा कि भरतपुर में लॉटरी कैंसिल कर दोबारा निकालने की जरूरत क्यों पड़ी, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। डोटासरा के मुताबिक नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका के आरक्षण को पहली बार एक साथ जोड़कर 309 निकायों में आरक्षण किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कई बड़ी नगर निकायों में SC-ST को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, जबकि छोटी इकाइयों में आरक्षण दे दिया गया।

डोटासरा ने कहा कि 'SC-ST और OBC के साथ बेईमानी' हुई है और कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच भी ले जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'जाना पड़ा तो हम कोर्ट में भी जाएंगे।'

चुनाव टालने पर क्या बोले डोटासरा?

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने निकाय चुनाव टाले जाने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव टालने के कारण केंद्र से नगर निगमों और नगर निकायों को मिलने वाली सहायता राशि लैप्स हो गई। पंचायत राज चुनाव में TFC और SFC का करीब 1900 करोड़ रुपये का पैसा भी लैप्स होने का दावा उन्होंने किया।

टीचर ट्रांसफर में भ्रष्टाचार के आरोप

डोटासरा ने सरकार पर भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसे के लेनदेन के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं और एक-एक व्यक्ति के चार-चार बार ट्रांसफर किए गए। उनका आरोप था कि ट्रांसफर पर लगी रोक के बावजूद तबादले किए जा रहे हैं और शिक्षा विभाग में अलग-अलग स्तर पर 'काउंटर' खुले हुए हैं।

अधिकारियों के एपीओ करने पर सवाल

उन्होंने नगर निकाय अधिकारियों को APO किए जाने पर भी सवाल उठाए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को जानबूझकर APO रखा जा रहा है और चुनाव के बाद उन्हें वापस उन्हीं जिलों में लगाने का सौदा किया जा रहा है।

डोटासरा ने कहा कि ढाई साल में सरकार ने कांग्रेस शासन के समय हुए कामों का पांच प्रतिशत काम भी नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि जनता ही नहीं, BJP के लोग भी सरकार से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि निकाय और पंचायतीराज चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सबक सिखाएगी।

60 फीसदी युवाओं को टिकट देगी कांग्रेस- डोटासरा

टिकट वितरण को लेकर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस का फोकस युवाओं पर रहेगा और उनकी इच्छा है कि 60 प्रतिशत तक टिकट युवाओं को दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जीतने और टिकने वाले उम्मीदवारों के साथ संगठन से जुड़े लोगों की राय को महत्व दिया जाएगा। वहीं, ऐसे निर्दलीय जनप्रतिनिधियों पर भी विचार किया जा सकता है, जिन्होंने पांच साल कांग्रेस के साथ काम किया हो। लेकिन भाजपा के साथ काम कर चुके लोगों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

खरीद-फरोख्त की राजनीति का आरोप

डोटासरा ने भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों को खरीदने की राजनीति कर रही है। 'यह BJP की खरीद-फरोख्त की पॉलिसी पूरे देश में चल रही है। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लंबित दल-बदल संबंधी मामले पर जल्द फैसला आने की उम्मीद जताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी बात अदालत के सामने रखती रहेगी।