
Jaipur CMO bomb threat hoax - File Pics
राजस्थान की राजधानी जयपुर में महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों को फर्जी बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को एक बार फिर बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली, जिससे प्रशासनिक गलियारों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम में धमकी भरा फोन आते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड़ पर डाला गया। हालांकि, पूरे परिसर की गहन तलाशी और डॉग स्क्वायड के जांच अभियान के बाद वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और इस धमकी को पूरी तरह अफवाह करार दिया।
बड़ी बात ये भी रही, कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बम की धमकी से हड़कंप ऐसे वक्त पर सामने आया, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डीजीपी राजीव शर्मा सीएमओ से चंद फासले दूर बिड़ला सभागार में 'सुरक्षा सखी एवं युवाओं' से संवाद कार्यक्रम में मौजूद रहे। यही वजह रही कि इलाके में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच खलबली मची रही।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कॉल करने वाले व्यक्ति की लोकेशन तुरंत ट्रेस की और सवाई माधोपुर निवासी एक युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ में जुटी हैं।
कंट्रोल रूम में धमकी भरी कॉल प्राप्त होते ही जयपुर शहर पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी साउथ राजर्षि राज और सुरक्षा दस्ते के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे सीएमओ परिसर की घेराबंदी कर ली।
जानकारी के मुताबिक सुरक्षा दस्ते, बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के हर कोने, प्रवेश द्वारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों को खंगाला। काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जब अधिकारियों को परिसर में कोई भी विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध चीज नहीं मिली, तब जाकर स्पष्ट हुआ कि यह कॉल केवल अफवाह फैलाने की नीयत से की गई थी।
धमकी भरा फोन आने के तुरंत बाद जयपुर पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम ने कॉल लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। पड़ताल करते हुए पुलिस एक शख्स तक पहुंची और शुरूआती पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया। डिटेन किया गया शख्स सवाई माधोपुर निवासी होना सामने आया है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इस बारे में मीडिया को ज़्यादा जानकारी नहीं है।
डिटेन किए गए युवक को जयपुर लाया जा रहा है, जहां उससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने मानसिक विक्षिप्तता में यह कदम उठाया या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
गौरतलब है कि जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और सचिवालय परिसर को पहले भी कई बार इस तरह की फर्जी कॉल और ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। राजस्थान में पिछले कुछ महीनों के दौरान जयपुर एयरपोर्ट, अस्पतालों, स्कूलों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि हर बार जांच के दौरान ये धमकियां फर्जी पाई गई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं हैं।
Updated on:
18 Aug 2026 03:11 pm
Published on:
18 Aug 2026 03:11 pm
