
जिले में शनिवार को खाद नहीं मिलने पर किसानों ने कई जगह हंगामा किया। नैनवां में कूपन वितरण के दौरान कतार में लगने के लिए किसानों में धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान हंगामे से स्थिति पर काबू पाने के लिए नैनवां थाने का जाप्ता कम पड़ गया। किसानों ने एक दुकान के बाहर बेरिकेड्स तोड़ दिए।
इसी तरह स्टेट हाईवे की एक दुकान पर खाद के 756 कट्टे आए थे। प्रति किसान दो-दो कट्टों के कूपन जारी किए गए थे। कूपन खत्म हो जाने के बाद भी दो हजार से अधिक किसान खाली हाथ रह गए, तो किसानों ने दुकान के बाहर बूंदी-नैनवां स्टेट हाईवे को जाम कर दिया।
इधर, नैनवां उपखण्ड में चल रही खाद की किल्लत की गाज जिले के कृषि विभाग के उपनिदेशक पर भी गिरी है। विभाग ने उपनिदेशक रमेशचंद जैन को निलंबित कर दिया है। इससे पूर्व विभाग ने शुक्रवार को देई के सहायक कृषि अधिकारी पप्पूलाल मीणा को भी निलंबित कर दिया था।
यूरिया की 8, डीएपी की एक रैक मांगी
कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार से समन्वय कर प्रतिदिन यूरिया की 8 और डीएपी की 1 रैक की आपूर्ति सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव दिनेशकुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा यूरिया की प्रतिदिन 3 से 4 रैक की आपूर्ति की जा रही है। इधर, सूचना एवं जनसम्पर्क राज्य मंत्री अशोक चांदना ने खाद की किल्लत के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। चांदना ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनावी राज्यों में राजस्थान के कोटे के खाद को डायवर्ट कर रही है।