
जयपुर।
राजस्थान के भ्रष्ट लोकसेवकों को संरक्षण देने सम्बन्धी अध्यादेश का विरोध लगातार जारी है। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी सड़क से लेकर सदन तक इस विधेयक का जमकर विरोध हुआ। पहले दिन की तरह कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के विधायकों ने सरकार को चौतरफा घेरा। विरोधी विधायकों के आक्रामक तेवरों के चलते सरकार बचाव मुद्रा में नज़र आई।
यहां देखिए सदन की कार्रवाई के ताज़ा अपडेट्स
- -विधानसभा की कार्यवाही हुई शुरू
- किसानों की कर्जमाफी को लेकर बोले नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी डूडी
- सत्तापक्ष ने भी शुरू किया बोलना
- सत्ता व विपक्ष दोनो के बीच हुई नोंक झोंक
- भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने कसा सरकार पर तंज
- तिवाड़ी बोले- भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण देने वाला बिल सदन में रखना ही कलंक है
- बिल को प्रवर समिति के पास भेजना उससे भी बड़ा कलंक है: तिवाड़ी
- बिल के विरोध में आए भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत, बोले- हमने पहले ही मुख्यमंत्री को बता दिया था
- हंगामें के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित
काले कानून के खिलाफ वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार
सीआरपीसी और आईपीसी में संशोधन के खिलाफ आज वकीलों ने न्यायिक काम का बहिष्कार कर जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन किया। वकीलों ने संशोधन को असंवैधानिक बताने के साथ ही इसे न्यायिक काम में हस्तक्षेप बताया। वकीलों ने सरकार से संशोधन वापस लेने की मांग रखी।
द डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया किसी भी स्थिति में न्यायिक काम में हस्तक्षेप को मंजूर नहीं किया जा सकता है। सरकार भ्रष्ट अधिकारियों और मंत्रियों को बचा रही है। कानून वापस नहीं लेने पर वकील आंदोलन तेज करेंगे।
इधर पत्रकारों ने भी किया प्रस्तावित काले कानून का विरोध
राजस्थान सरकार के प्रस्तावित काले क़ानून का पत्रकार संघों ने भी विरोध किया है। इस बिल के विरोध में पत्रकार जयपुर में एकजुट हुए। यहां पुलिस ने पत्रकारों को नगर निगम सिविल लाइंस आॅफिस के पास रोक दिया। यहां पहुंचे पत्रकार भ्रष्टाचारियों को बचाने वाले कानून का काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के लिए विधानसभा की ओर निकले थे।