FASTag Rules Changed: वाहन के आगे के शीशे यानि विडशील्ड पर आपने फॉस्टंग नहीं चिपकाया तो टोल प्लाजा पर मुश्किलें बढ़ सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गाड़ी के आगे वाले शीशे पर फास्टैग न लगाने पर टैग बंद किया जा सकता है।
FASTag Rules Changed: वाहन के आगे के शीशे यानि विडशील्ड पर आपने फॉस्टंग नहीं चिपकाया तो राजस्थान में टोल प्लाजा पर मुश्किलें बढ़ सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गाड़ी के आगे वाले शीशे पर फास्टैग न लगाने पर टैग बंद किया जा सकता है। जयपुर स्थित एनएचएआइ अधिकारियों का कहना है कि विंडस्क्रीन पर ठीक और सही जगह पर फास्टैग लगाना अनिवार्य है। फास्टैग नियम तोड़ने पर टोल पर वाहन रोका जा सकता है और ऐसे टैग को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
एनएचएआई जयपुर रीजन अधिकारियों ने बताया कि कई मामले में एक ही फास्टैग का इस्तेमाल अलग-अलग वाहनों में किए जाने की शिकायत मिली है, जिससे टोल सिस्टम में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के मामले रोकने के लिए अब फास्टैग को वाहन के फ्रंट विंडशील्ड पर चिपकाना अनिवार्य किया जा रहा है।
एनएचएआई के अनुसार, कई वाहन चालक फास्टैग को शीशे पर चिपकाने के बजाय हाथ में पकड़कर या डैशबोर्ड पर रखकर टोल पार करते हैं। यह तरीका नियमों के खिलाफ है। फास्टैग को हमेशा गाड़ी के सामने वाले शीशे के अंदर की ओर चिपकाना जरूरी है, ताकि टोल पर लगे सेंसर उसे आसानी से पढ़ सकें। अगर फास्टैग सही जगह पर नहीं लगाया गया, तो उसे 'लूज टैग' माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित फास्टैग को बंद या ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। वहीं टोल प्लाजा पर वाहन चालक से दोगुना टोल शुल्क भी वसूला जा सकता है।
फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम है। इसमें आरएएआईडी तकनीक का इस्तेमाल होता है। टोल पर लगे कैमरा सेंसर से स्कैन होने पर वाहन का टोल शुल्क स्वचालित तकनीक से वाहन मालिक के बैंक खाते से कट जाता है। जिससे वाहन को टोल प्लाजा पर ज्यादा देर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए फास्टैग को गाड़ी के सामने वाले शीशे पर लगाना जरूरी है। इससे मशीन आसानी से स्कैन कर लेती है और टोल पर ट्रैफिक जाम नहीं लगता। विंडशील्ड पर सही ढंग से फास्टैग नहीं लगा होने अथवा हाथ में रखने से स्कैनिंग सही ढंग से नहीं हो पाती।
एनएचएआई के अनुसार वाहन में फास्टैग विंडशील्ड पर चिपकाने की कार्रवाई टोल व्यवस्था को और ज्यादा सुगम और गड़बड़ी रोकने के लिए की गई है। कई वाहन चालक एक ही फास्टैग का उपयोग कई अन्य वाहनों में करते हैं। जिससे टोल गेट पर सही स्कैनिंग नहीं होने पर वाहनों की लंबी कतारें लगने के कारण कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। इसलिए अब टोल एजेंसियों को ऐसे मामलों पर नजर रखने और रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएचएआइ के जयपुर स्थित रीजन अधिकारियों का कहना है कि फास्टैग वाहन के विंडशील्ड पर चिपकाना मेंडेटरी है,ऐसा नहीं करने पर टैग को ब्लैकलिस्ट करने या वाहन चालक से दोगुना टोल शुल्क भी वसूला जा सकता है।