जयपुर

तबाही मचाने आ रहा तूफान सागर, राजस्थान सहित कई राज्यों में अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले दो दिन प्रदेश के करीब करीब सभी जिलों में आंधी के आसार जताए हैं।
2 min read
• •
Updated: 19 May 2018, 10:49 AM IST
dust storm

जयपुर राजधानी में शुक्रवार को मौसम करीब-करीब साफ रहा। दिन का अधिकतम तापमान 41.4 और रात का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रहा। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान फलौदी में 45.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने अगले दो दिन प्रदेश के करीब करीब सभी जिलों में आंधी के आसार जताए हैं। राजधानी में शनिवार को हल्की बारिश और आंधी के साथ दिन का अधिकतम तापमान 42 और रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने का अनुमान है।

इसी बीच खबर है कि चक्रवात 'सागर' पश्चिम से दक्षिण पश्चिम की तरफ 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ आने वाली हवाएं 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। माना जा रहा है कि अगले 12 घंटों तक सागर एक चक्रवाती तूफान बना रहेगा। वहीं हवा की गति और ज्यादा बढऩे की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान आधी रात को पश्चिम और दक्षिण पश्चिम की तरफ बढ़ेगा। चक्रवात के कारण आगामी 72 घंटे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, दिल्ली, उसके आस-पास, पश्चिमी यूपी में अगले तीन दिनों में आंधी-तूफान आने की संभावना है। इसके अलावा विभाग ने तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और लक्षद्वीप में चक्रवाती तूफान 'सागर' की चेतावनी दी है।

अप्रेल-मई में होना असामान्य
कहा जा रहा है कि तूफान की वजह से यूपी के सिद्धार्थनगर, कुशीनगर औऱ महाराजगंज प्रभावित होंगे। विभाग ने अपने मौसम पूर्वानुमान में कहा है कि यूपी के उत्तरी इलाकों में बारिश और तूफान की संभावना है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्टूबर से मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उत्तरी मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ एक सामान्य घटना है। हालांकि जो चीज असामान्य है वह है इसका अप्रेल से मई के बीच होना।

ये दिए निर्देश
- समुद्र में चलने वाले जहाजों से कहा गया है कि वह या तो अपने रास्ते बदल लें या फिर बंदरगाहों पर तूफान के थमने का इंतजार करें।
- चक्रवात सागर के कमजोर पडऩे तक मछुआरों से कहा गया है कि वह समुद्र में मछली पकडऩे के लिए न जाएं।
- अरब सागर से खाड़ी देश जाने वाले जहाजों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गुजरात के तटीय क्षेत्रों पर रुक जाएं।

Published on: