जयपुर

लोक देवता बाबा रामदेव के मंदिर में है डाली बाई का कंगन, जिसमें से निकलने पर दूर होते हैं सभी रोग

लोक देवता बाबा रामदेव के रुणिचा धाम ( lok devta baba ramdev temple ) में उनकी मुंहबोली बहन डाली बाई का कंगन स्थापित है। मान्यता है कि इस कंगन के नीचे से निकलने पर लोगों के रोग और कष्ट दूर होते हैं।
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Updated: 3 Sep 2019, 1:25 PM IST
Dali Bai Bengal In Runicha Dham Does Miracles, Lok Devta Baba Ramdev
लोक देवता बाबा रामदेव के मंदिर में है डाली बाई का कंगन, जिसमें से निकलने पर दूर होते हैं सभी रोग

रामदेवरा/ जैसलमेर/ जयपुर। लोक देवता बाबा रामदेव ( lok devta baba ) के रुणिचा धाम में पत्थर का बना एक कंगन है। कंगन समाधि स्थल के पास ही स्थापित किया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस कंगन के नीचे से निकलने पर लोगों के सभी रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं। मंदिर में जो भी श्रद्धालु आते हैं, इस कंगन के नीचे से जरूर निकलते हैं। रामदेवरा यात्रा के समय तो यहां काफी भीड़ रहती है। इस कंगन का आकार हालांकि काफी छोटा है, लेकिन लोगों का कहना है कि मोटे लोग भी बड़ी आसानी से इसके नीचे से निकल जाया करते हैं।


गौरतलब है कि डाली बाई बाबा रामदेव को एक पेड़ के नीचे मिली थी। ये पेड़ मुख्य मंदिर से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो आजकल नेशनल हाईवे 15 पर पड़ता है। ऐसा कहा जाता है कि रामदेवजी जब बाल्यावस्था में थे, तब इस पेड़ के नीचे उन्हें एक नवजात शिशु मिला था। ये एक बच्ची थी। रामदेवजी ने इस बच्ची को अपनी मुंहबोली बहन बना लिया और डाली बाई नाम दिया। ये पेड़ अब 'डाली बाई की जाल' के नाम से जाना जाता है। श्रद्धालु यहां भी दर्शनार्थ पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि बाबा रामदेव के दर्शन से पहले जोधपुर स्थित उनके गुरू बालीनाथ ( guru balinath ) के दर्शन के बिना रामदेवरा यात्रा ( ramdevra yatra ) अधूरी मानी जाती है। भाद्रपद महीने की द्वितीया ( baba ki beej ) पर गुरू बालीनाथ के दर्शन से रामदेवरा मेले की शुरुआत होती है।

बाबा रामेदव के इस पवित्र धाम पर प्रतिवर्ष भाद्रपद महीने की द्वितीया से एकादशी तक लगने वाले अंतरप्रांतीय मेले में राजस्थान सहित गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कलकता, मद्रास, बेंगलोर, बिहार, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली आदि प्रांतों से लाखों यात्री पैदल, मोटरसाइकिल, साइकिल, बस रेल व अन्य साधनों से यहां आकर बाबा की समाधि के दर्शन करते है और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए श्रद्धा सहित आराधना करते है।

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