जयपुर

अपने खेल और स्टाइल के जलवे से छा गए पुरी दुनिया में

जब टीचर्स इनसे ये सवाल करते कि आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं तो इनका एक ही जवाब हुआ करता था कि मुझे फुटबॉल की दुनिया में नाम कमाना है।

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Jul 10, 2020
अपने खेल और स्टाइल के जलवे से छा गए पुरी दुनिया में

इनका जन्म 1975 में अमरीका में हुआ था। मां हेयर ड्रेसर तो पिता किचन फिटर थे। जब ये छोटे थे, तभी से नियमित रूप से चिंगफोर्ड के रिसर्व पार्क में खेलना शुरू कर दिया था। इनका दाखिला अब चैस लेन प्राथमिक विद्यालय में करवा दिया गया था। इसके बाद इन्होंने चिंगफोर्ड काउंटी हाई स्कूल से पढ़ाई की। दिनों-दिन फुटबॉल के प्रति इनकी रुचि बढ़ती ही जा रही थी। जब टीचर्स इनसे ये सवाल करते कि आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं तो इनका एक ही जवाब हुआ करता था कि मुझे फुटबॉल की दुनिया में नाम कमाना है। बचपन में यह हर सप्ताह अपने माता-पिता और बहिनों के साथ चर्च जाते थे, ताकि अपनी टीम के साथ फुटबॉल खेल सके। माता-पिता मैनचेस्टर यूनाइटेड के कट्टर समर्थक थे, जो अक्सर अपनी टीम के घरेलू मैचों को देखने लंदन से ओल्ड ट्रेफोर्ड जाया करते थे। मैनचेस्टर में इन्होंने बॉडी चार्लटंस फुटबॉल स्कूल जॉइंन किया। यहां वे अपनी स्थानीय टीम रिजवे रोवर्स के साथ खेला करते थे, इस टीम को उनके पिता स्टुअर्ट अंडरवुड और स्टीव कर्बी प्रशिक्षण देते थे। इसके बाद खेल की प्रतिभा को बढ़ाने के लिए इन्होंने टोटेनहैम हॉटस्पर स्कूल को जॉइन किया। इस तरह टोटेनहैम हॉटस्पर पहला क्लब था, जिसके लिए ये खेले।
राष्ट्रीय टीम के कप्तान बनें
वर्ष 1996 में इन्हें इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ खेलने का सौभाग्य मिला। इन्होंने अपना पहला गोल 1998 में कोलंबिया के खिलाफ दागा। राउंड -16 के मैच में इन्हें रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेजा गया और इंग्लैंड की टीम वल्र्ड कप से बाहर हो गई। इसके बाद वर्ष 2000 में इटली के खिलाफ पहली बार इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के कप्तान बने। 2000-01 में युनाइटेड के लगातार तीसरे लीग खिताब में इनकी बहुत बड़ी भूमिका रही, ऐसा सिर्फ चौथी बार हुआ था कि किसी एक ही क्लब ने लगातार तीन लीग खिताब जीते। वर्ष 2001-02 में युनाइटेड के खिलाड़ी के तौर पर इनका सबसे अच्छा सत्र था, जब इन्होंने कुल 42 खेलों में 16 गोल किए। इसके बाद ये कॅरियर में तेजी से आगे बढ़ते गए। क्लब के लिए इन्होंने 719 मैंच में 129 गोल किए। अपने कॅरियर में 100 चैंपियंस लीग मैच खेलने वाले ये पहले इंग्लैंड फुटबाल खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि डेविड बैकहम है। बैकहम दो बार फीफा के वार्षिक विश्व खिलाड़ी के रूप में रनर-अप रह चुके हैं। 2004 में ये विश्व के सबसे महंगे फुटबॉल खिलाड़ी थे। इंग्लैंड के लिए बैकहम 1996 से 2009 तक खेलें। इस दौरान उन्होंने 115 मैच में 17 गोल किए। वर्ष 2013 में इन्होंने पेशेवर फुटबॉल को अलविदा कहा। फुटबॉलर के साथ ही ये एक सफल मॉडल और बिजनेसमैन भी हैं। बैकहम की पत्नी विक्टोरिया बैकहम जानी-मानी मॉडल हैं।

Published on:
10 Jul 2020 05:24 pm
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