
जयपुर, 6 अगस्त
पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department ) में पशु चिकित्सा अधिकारियों (veterinary officers) की भर्ती (recruitment process)के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग के साथ ही भर्ती प्रक्रिया पर कैविएट लगाने की मांग को लेकर बेरोजगार पशु चिकित्सकों ने प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि 8 साल बाद भर्ती संपन्न होने जा रही है इसके लिए संवीक्षा परीक्षा परिणाम और सफल 1878 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन भी किया जा चुका है, लेकिन साक्षात्कार की तिथि जारी नही की गई है जिससे आगे की प्रक्रिया में देरी हो रही है। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर में राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में बेरोजगार पशु चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर मांग की कि भर्ती प्रक्रिया पर लग रोक को हटा कर तुरंत साक्षात्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। आरपीएससी ने 900 पदों की भर्ती 2019 में निकाली थी। 2 अगस्त 2020 को परीक्षा हुई जिसमें 1878 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है लेकिन साक्षात्कार अब तक नहीं हुए। पशु चिकित्सक डॉ. प्रतीक्षित सानेल ने कहा कि पशु रोगों के प्रभावी नियन्त्रण व इस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय रोग नियन्त्रण कार्यकम शुरू किया गया है। इसके संचालन के लिए पदों पर भर्ती जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पशु चिकित्साधिकारी भर्ती.2019 की कट ऑफ जारी किए बिना साक्षात्कार लेने पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार और आरपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। ऐसे में अब अभ्यर्थियों की मांग है कि इसकी कट ऑफ भी जारी की जाए जिससे यह पता चल सके कि किस वर्ग की कट ऑफ कितनी है। साथ ही भर्ती पर केविएट लगाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा सेवाएं अतिआवश्यक सेवाएं होने के बावजूद पशुचिकित्सा अधिकारियों के रूप में मानव संसाधन की सख्त जरूरत है जिसके अभाव में पशुपालन विभाग की समस्त योजनाएं जैसे वर्तमान में सुचारू रूप से संचालन नहीं हो रही हैं। विभाग में वर्तमान में पशु चिकित्सा अधिकारियों के आधे से अधिक पद रिक्त पड़े हैं।