सवाई मानसिंह अस्पताल में आईपीडी टावर के साथ सितंबर में ही एक्सीलेंस ऑफ कार्डियक सेंटर का भी पहला चरण शुरू करने की तैयारी है। मुख्य भवन की इमरजेंसी के पास टोंक रोड और जेएलएन मार्ग की लिंक रोड के किनारे पुराने नर्सिंग क्वार्टर्स के स्थान पर इस भवन का निर्माण जुलाई तक पूरा होने की संभावना है।
जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल में आईपीडी टावर के साथ सितंबर में ही एक्सीलेंस ऑफ कार्डियक सेंटर का भी पहला चरण शुरू करने की तैयारी है। मुख्य भवन की इमरजेंसी के पास टोंक रोड और जेएलएन मार्ग की लिंक रोड के किनारे पुराने नर्सिंग क्वार्टर्स के स्थान पर इस भवन का निर्माण जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। इंजीनियरों के अनुसार निर्माण के साथ ही यहां फिनिशिंग का काम भी शुरू किया जा रहा है। पहला चरण चार मंजिल का होगा। लेकिन भविष्य में इसका 8 मंजिला तक विस्तार किया जाएगा। इस भवन के अस्तित्व में आने के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज में पहली बार शिशु कार्डियोलॉजी और इजेक्ट्रो फिजियोलॉजी विभाग भी विकसित होना शुरू होंगे।
अभी मौजूदा सीनियर डॉक्टरों के नेतृत्व में इन विभागों से संबंधित कामकाज होता है। विभाग के चिकित्सकों के अनुसार अलग विभाग धीरे-धीर विकसित होंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने शिशु कार्डियोलॉजी विभाग के लिए लेक्चरर के आवेदन प्रक्रिया भी शुरू की है।
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बांगड़ से शिफ्ट होगा कार्डियक सेंटर
अभी कार्डियक इमरजेंसी मुख्य भवन की पुरानी इमरजेंसी में है और कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू, वार्ड और बांगड़ भवन में हैं। नया सेंटर बनने के बाद कार्डियक और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग से संबंधित अधिकांश सुविधाएं नए भवन में शिफ्ट होंगी। अभी पुराने भवन में दिल की रोगियों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए 4 कैथ लैब हैं। नए भवन में इनकी संख्या बढ़ाकर 6 की जाएगी। इसके अलावा यहां एमआरआई, सीटी स्कैन जांच की सुविधा के साथ ही आईसोटोप लैब, टूडी ईको, टीएमटी और होल्टर जांच की सुविधाएं भी एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी।