शेखावत बने राजस्थान पुलिस के मुखिया, एनकाउंटर विवाद सुलझाने का मिला तोहफा

अजीत सिंह शेखावत वर्ष 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इस पद के लिए ये सरकार की पहली पसंद थे। हालांकि, इसी नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। पांच साल तक एसीबी में एडीजी रह चुके हैं...
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Jul 31, 2017
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डीजी जेल अजीत सिंह अब राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बने हैं। सोमवार को मनोज भट्ट रिटायर हुए तो शाम तक सरकार ने प्रदेश की पुलिस को नया मुखिया दे दिया।


ऐसे अजीत बने पुलिस महानिदेशक
नए डीजीपी के लिए डीजी जेल अजीत सिंह, सुधीर प्रताप सिंह, ओपी गल्होत्रा के नाम चर्चा में थे। लेकिन अजीत का नाम दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा था। पीएचक्यू से लेकर पुलिस मुख्यालय तक नए डीजीपी के नाम को लेकर उत्सुकता थी।


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प्रदेश की मुख्यमंत्री के जालोर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के उपरांत नए डीजीपी के नाम का ऐलान हो गया। अजीत ही डीजीपी बने। बात दें कि आनंदपाल एनकाउंटर के बाद उपजे विवाद को शेखावत ने बडी ही कुशलता से सुलझाया था। तभी से शेखावत मुख्यमंत्री व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के चहेते बन गए थे।


चार माह बाद अजीत सिंह भी रिटायर हो रहे हैं

लेकिन नए डीजीपी अजीत सिंह भी इस नवंबर में रिटायर हो रहे है, ऐसे में वे चार महीने ही पद पर रहेंगे। हालांकि, नवदीप सिंह जून 2018 में रिटायर होंगे। सुधीर प्रताप सिंह जनवरी 2018 में रिटायर हो रहे हैं तो ओपी गल्होत्रा अक्टूबर 2019 में रिटायर होंगे।


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कौन हैं अजीत सिंह शेखावतजयपुर जेल विभाग के डीजी अजीत सिंह शेखावत वर्ष 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। डीजीपी के रूप में सरकार की पहली पसंद अजीत सिंह शेखावत ही माने जा रहे थे। जिसके पीछे दो वजह थीं। पहली, आनंदपाल एनकाउंटर मामले में जिस तरह से सरकार ने उन्हें आगे किया और मामला शांत कराने में शेखावत की जो भूमिका रही, उससे सरकार खुश हो गई। दूसरी, शेखावत करीब पांच साल तक एसीबी में एडीजी रहे। खुले तौर पर उनके काम की तारीफ भी होती रही।


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Published on:
31 Jul 2017 09:35 pm