
SI Paper Leak Case: सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 में पेपर लीक के खिलाफ जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे युवाओं के आंदोलन को 100 दिन पूरे हो गए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। शुक्रवार देर रात उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी है और यह संघर्ष निश्चित रूप से जीत में बदलेगा।
सांसद बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि SI भर्ती को रद्द करवाने तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन की मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर आज चल रहे धरने के 100 दिवस पूरे हो गए। हम लगातार लोकतांत्रिक रूप से इस मांग को सरकार के समक्ष रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने देश की सबसे बड़ी पंचायत में इस मांग को उठाया और युवा साथी, RLP परिवार के सदस्य लगातार धरने पर जयपुर में बैठे हैं। इस संघर्ष में लगातार युवाओं के हितों की आवाज उठाने वाले युवा साथियों ने मुझे आज भी बताया कि 100 दिन धरने को हो गए मगर हमारी ना हिम्मत टूटी है, ना ही इरादा डगमगाया है।
उन्होंने कहा कि यह जज्बा ही मुझे मेहनतकश युवाओं के हितों की लड़ाई लड़ने में मजबूती प्रदान करता है। आज शहीद स्मारक पर भारत के तिरंगे के तीन रंगों वाले गुब्बारे लगाकार युवाओं ने यह संदेश दिया है कि "हम थके नहीं हैं, रुके नहीं हैं, और झुके कभी नहीं हैं।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यह धरना इस बात की गवाही भी देगा कि राजस्थान की जनता ने जिस सरकार को लोकतांत्रिक रूप से चुना, उस चुनी हुई सरकार ने सत्ता में आते ही लोकतांत्रिक मूल्यों को भूला दिया। यह संघर्ष निश्चित तौर पर जीत में बदलेगा। बता दें इससे पहले हनुमान बेनीवाल ने 25 मई को जयपुर में आयोजित युवा आक्रोश महारैली में इस मुद्दे को उठाया था। इस रैली में लाखों युवाओं की भागीदारी रही थी।
दरअसल, एसआई भर्ती 2021 में पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। 1 अगस्त 2025 को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने अपनी बहस पूरी कर ली है, लेकिन भजनलाल सरकार का जवाब अभी तक नहीं आया है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 4 अगस्त 2025 तय की है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पेपर लीक के कारण मेरिट पर असर पड़ा है, जिससे ईमानदार और मेहनती अभ्यर्थी बाहर हो गए। उन्होंने भर्ती को पूरी तरह रद्द करने की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि गड़बड़ी सीमित स्तर पर हुई थी और पूरी भर्ती को रद्द करना हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
गौरतलब है कि 2021 में 859 एसआई पदों के लिए आयोजित इस भर्ती में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स के जरिए धांधली के मामले सामने आए थे। SOG की जांच में 50 ट्रेनी एसआई और RPSC के दो सदस्यों सहित 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद, सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया, जिससे युवाओं में निराशा का माहौल है।