
VDO Recruitment Fraud: जयपुर में दिव्यांग सर्टिफिकेट के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी यानी VDO की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि झुंझुनूं के खेतड़ी निवासी शेर सिंह ने दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए सरकारी नौकरी हासिल की। वहीं, मेडिकल जांच के दौरान खुद की जगह अपने दिव्यांग भाई को मेडिकल बोर्ड के सामने पेश कर दिया। फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आने के बाद SMS हॉस्पिटल थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएमएस थाने के SI सूरजमल ने बताया कि सीकर एससी/एसटी सेल के हेड कॉन्स्टेबल गणपत सिंह की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है। दरअसल, फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में इस संबंध में जांच की गई। इसी जांच के दौरान झुंझुनूं के खेतड़ी निवासी शेर सिंह का नाम सामने आया। जांच में सामने आया कि शेर सिंह ने दिव्यांगजन कोटे से ग्राम विकास अधिकारी (VDO) की नौकरी हासिल की है।
आरोप है कि शेर सिंह ने अपने भाई हवा सिंह के साथ मिलकर फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट तैयार करवाए थे। 24 जुलाई को एसएमएस में गठित मेडिकल बोर्ड के सामने शेर सिंह का मेडिकल होना था। इसी दौरान आरोप है कि शेर सिंह खुद मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं हुआ। उसकी जगह उसका भाई हवा सिंह वहां पहुंचा। हवा सिंह शेर सिंह के दस्तावेज लेकर मेडिकल बोर्ड के सामने पेश हुआ था। जानकारी के अनुसार, हवा सिंह दिव्यांग है। वह अपने भाई शेर सिंह की मदद करने के लिए मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचा था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस मामले से संबंधित जानकारी जुटाने में लग गई है। पुलिस अब शेर सिंह की VDO भर्ती से जुड़े दस्तावेजों और दिव्यांग सर्टिफिकेट की भी जांच करेगी। साथ ही मेडिकल बोर्ड के सामने किसे पेश किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।