जयपुर। कुपोषण के आंकड़ों में कमी लाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण आहार व प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा को बढ़ावा देने की नई पहल शुरू की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन टास्क’ अभियान शुरू किया है, जिसमें जयपुर सहित सभी जिलों को अलग—अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए हर जिले का […]
जयपुर। कुपोषण के आंकड़ों में कमी लाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण आहार व प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा को बढ़ावा देने की नई पहल शुरू की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन टास्क’ अभियान शुरू किया है, जिसमें जयपुर सहित सभी जिलों को अलग—अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए हर जिले का अलग—अलग लक्ष्य तय किया गया हैै, जिसकी प्रगति की मॉनिटरिंग भी होगी।
विभाग की ओर से चलाए गए 'प्रेरणा' अभियान के दो चरणों के बाद अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन टास्क’ अभियान शुरू किया गया है। एक जिला–एक टास्क अभियान चलाकर विभिन्न पोषण व कल्याण योजनाओं को लेकर लाभार्थियों को लाभ दिलाने का टारगेट तय किया गया है। जिलों की प्रगति की निगरानी पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) पोर्टल और मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना (एमएमपीवाई) पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन की जाएगी। साथ ही सभी उपनिदेशकों को भी अपने स्तर पर परियोजनाओं की प्रगति की दैनिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग की ओर से गत 18 नवम्बर से 19 दिसम्बर तक ‘प्रेरणा’ अभियान का पहला चरण चलाया गया। इसके बाद 19 जनवरी से 19 फरवरी तक इसका दूसरा चरण शुरू किया गया। इनकी सफलता के बाद अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन टास्क’ अभियान शुरू किया गया है।
अलग-अलग टास्क दिए
जिलों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार अलग-अलग टास्क दिए गए हैं। इससे गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, पोषण सेवाओं की पहुंच, बच्चों की वृद्धि निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को मजबूत किया जा सकेगा।
- वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं