
रक्षाबंधन पर्व से ठीक एक दिन पहले राजधानी जयपुर में 'पॉलिटिकल रक्षाबंधन' का एक अनूठी और खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। दरअसल, प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने साथी उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेम चंद बैरवा के निवास स्थान पहुंचकर उन्हें रक्षा सूत्र (राखी) बांधा और त्यौहार की खुशियां बांटी। दोनों शीर्ष नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और परिवार के साथ इस पारंपरिक त्यौहार को उत्साह के साथ मनाया। डॉ बैरवा के अलावा दिया कुमारी ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार को भी रक्षा सूत्र बांधकर उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना की।
गौरतलब है कि इससे पहले दिया कुमारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी राखी बांध चुकी हैं, जिसके बाद अब प्रेम चंद बैरवा के घर पहुंचकर राखी बांधने का यह कदम राजस्थान के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिया कुमारी द्वारा राखी बांधने के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने इस मौके पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश भर की महिलाओं और बहनों को सुरक्षा का भरोसा दिया।
बैरवा ने कहा, "हमारी छोटी बहन दिया कुमारी आज राखी बांधने के लिए घर पर पधारी थीं। यह भाई-बहन के निश्छल प्यार का रक्षा सूत्र है। मैं इसके माध्यम से संदेश देना चाहता हूं कि देश और प्रदेश की जितनी भी हमारी बहनें हैं, हम हर परिस्थिति में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। रक्षाबंधन का त्यौहार यही संदेश देता है। मैं सभी प्रदेशवासियों से यही कहूंगा कि भाई-बहन के इस पवित्र प्यार को हमेशा कायम रखें।"
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का रक्षाबंधन अभियान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहा। बैरवा के आवास पर जाने के अलावा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार को भी रक्षा सूत्र बांधा।
दिया कुमारी ने दोनों वरिष्ठ नेताओं को राखी बांधकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद जीवन की ईश्वर से मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि संगठन और राष्ट्रसेवा के पथ पर इन नेताओं का मार्गदर्शन लगातार कार्यकर्ताओं को मिलता रहे, यही प्रार्थना है।
राजस्थान की राजनीति में इस बार का रक्षाबंधन सत्ता के गलियारों से निकलकर आम जन-मानस तक एक मजबूत सकारात्मक संदेश पहुंचा रहा है। महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को प्राथमिकता दे रही राज्य सरकार के दो शीर्ष नेताओं का यह सहज रूप सोशल मीडिया पर भी खूब पसंद किया जा रहा है। आम नागरिक और भाजपा समर्थक इन तस्वीरों को प्रदेश की एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक मान रहे हैं।