National Doctors Day 2025: डॉक्टर सिर्फ एक प्रोफेशन का नाम नहीं, बल्कि वो फरिश्ते हैं जो जिंदगी की सबसे मुश्किल घड़ी में हमारी उम्मीद बनकर सामने आते हैं। वो न केवल हमारी सेहत का ख्याल रखते हैं, बल्कि हर दर्द और हर तकलीफ में हमारे साथ खड़े रहते हैं। डॉक्टर एक डिग्री नहीं, बल्कि तप का नाम है।
National Doctors Day 2025: जयपुर: डॉक्टर बनना सिर्फ एक डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि यह वर्षों की तपस्या, त्याग और मानसिक संघर्ष की यात्रा है। जब एक किशोर नीट की तैयारी शुरू करता है, तभी से उसके जीवन की दिशा बदल जाती है।
कोचिंग की दुनिया, परीक्षा का दबाव और खुद को बेहतर साबित करने की चुनौती होती है। ये सब मिलकर एक डॉक्टर की नींव रखते हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई और इंटर्नशिप उसे किताबों से हकीकत तक लाती है।
मरीजों के दर्द को महसूस करना, उनके जीवन से जुड़ना और सीमित संसाधनों में भी समाधान खोजना। पीजी और सुपर-स्पेशलाइजेशन की राह और कठिन होती है। उसमें भले ही नींद की कमी, सीखते रहने का दबाव रहता है, फिर भी हर चुनौती के बीच डॉक्टर मुस्कुराता रहता है। क्योंकि उसके लिए यह पेशा नहीं, एक समर्पण है।
(जैसा डॉ. भरत पारीक, एमडी बायोकैमिस्ट्री, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर, एग्जीक्यूटिव मेंबर जार्ड ने बताया)
जीने की उम्मीद भी देता है चिकित्सक)
यों समझें कि एक डॉक्टर को अपनी पहचान बनाने में जीवन के 2-3 दशक तक लग जाते हैं। ऐसे में डॉक्टर डे हमें याद दिलाता है कि हर डॉक्टर के पीछे एक लंबी संघर्ष गाथा छिपी होती है। डॉक्टर वह न सिर्फ रोग दूर करता है, बल्कि लोगों को जीने की उम्मीद भी देता है। इस विशेष दिन उन सभी डॉक्टरों का साधुवाद, जिनकी मेहनत, संवेदना और समर्पण ने अनगिनत जिंदगियों को बचाया और संवारने का काम किया।