
Panya Sepat with MP Hanuman Beniwal
अपनी कॉमेडी से कई वर्षों तक सबको हंसाने वाले पन्या सेपट (दीपक मीणा) आज खुद गहरे शोक में हैं। उनके जवान बेटे गोदीप मीणा की हत्या के बाद से वे न्याय की गुहार लिए दर-दर भटक रहे हैं। अब इस मामले में पन्या सेपट ने शनिवार को जयपुर में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाक़ात की, जिसके बाद सांसद ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।
शनिवार, 2 मई को पन्या सेपट ने सांसद हनुमान बेनीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें इस पूरे प्रकरण के साक्ष्यों से अवगत करवाया। सांसद ने तत्काल एक्शन लेते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के उच्चाधिकारियों से फोन पर वार्ता की।
सांसद बेनीवाल ने कहा, "मैंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीड़ित पक्ष की पूरी बात सुनकर निष्पक्ष अनुसंधान किया जाए और गोदीप हत्याकांड के दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।"
हनुमान बेनीवाल ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'जिस हास्य कलाकार ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के विरोध में और भाजपा के पक्ष में अपनी आवाज मुखर की, उसे आज भाजपा की सरकार में न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।'
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में संगीन अपराधों की मुख्यमंत्री स्तर पर गंभीरता से समीक्षा नहीं की जा रही है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय तंत्र मौन बैठा है, जो प्रदेश के लिए चिंताजनक है।
राजस्थान के ग्रामीण अंचल से लेकर शहरों तक अपनी पहचान बनाने वाले पन्या सेपट ने नम आँखों से बेनीवाल को बताया कि वे केवल अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहते हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
हास्य कलाकार पन्या सेपट के पुत्र गोदीप मीणा की हत्या का मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, गोदीप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसे पन्या सेपट और उनका परिवार शुरू से ही एक सुनियोजित हत्या बता रहा है।
घटना: गोदीप का शव संदिग्ध हालत में मिला था, जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया था।
आरोप: परिवार का कहना है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है और अनुसंधान में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
भटकाव: न्याय की उम्मीद में पन्या सेपट पिछले कई महीनों से पुलिस थानों और उच्चाधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
हनुमान बेनीवाल के हस्तक्षेप के बाद अब जयपुर पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। क्या पुलिस अब उन रसूखदारों पर हाथ डालेगी जिन पर पन्या सेपट को शक है? क्या यह मामला सीबीआई या किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा? राजस्थान की जनता अब मुख्यमंत्री के जवाब का इंतज़ार कर रही है।
Updated on:
03 May 2026 12:20 pm
Published on:
03 May 2026 12:20 pm
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