जयपुर

साइबर क्राइम से बचने का असली तरीका: संदिग्ध नंबर, प्रोफाइल या लिंक देखकर सिर्फ ब्लॉक मत करो, तुरंत रिपोर्ट करो

सही तरीका है नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जाकर रिपोर्ट करना। इससे न सिर्फ आप खुद सुरक्षित रहेंगे बल्कि दूसरों को भी स्कैम से बचा सकेंगे। जब आप रिपोर्ट करते हैं तो पुलिस और साइबर एजेंसियां उस संदिग्ध की जांच कर सकती हैं। कई बार एक ही नंबर से सैकड़ों लोगों को धोखा दिया जा रहा होता है। रिपोर्ट करने से पूरा सिस्टम अलर्ट हो जाता है।
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Updated: 23 Oct 2026, 12:27 PM IST
AI generated image of suspect phone numbers .
AI generated image of suspect phone numbers .

मोहित शर्मा.

आजकल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आना, व्हाट्सऐप पर संदिग्ध मैसेज या सोशल मीडिया पर शक वाला प्रोफाइल देखना आम बात हो गई है। ज्यादातर लोग इन्हें ब्लॉक कर के भूल जाते हैं। लेकिन यह सही नहीं है। सही तरीका है नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जाकर रिपोर्ट करना। इससे न सिर्फ आप खुद सुरक्षित रहेंगे बल्कि दूसरों को भी स्कैम से बचा सकेंगे।

ही इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) साइबरदोस्त ने चेतावनी भी दी है कि सिर्फ संदिग्ध नंबर, प्रोफाइल या लिंक को ब्लॉक करना पर्याप्त नहीं है। सही कदम है नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर “Report & Check Suspect” के जरिए रिपोर्ट करना। इससे धोखेबाजों के खिलाफ कार्रवाई संभव हो पाती है।

क्यों सिर्फ ब्लॉक करना काफी नहीं?

ब्लॉक करने से वो नंबर या प्रोफाइल आपके फोन से हट जाता है, लेकिन धोखेबाज उसी नंबर या अकाउंट से दूसरे लोगों को निशाना बनाते रहते हैं। जब आप रिपोर्ट करते हैं तो पुलिस और साइबर एजेंसियां उस संदिग्ध की जांच कर सकती हैं। कई बार एक ही नंबर से सैकड़ों लोगों को धोखा दिया जा रहा होता है। रिपोर्ट करने से पूरा सिस्टम अलर्ट हो जाता है।

NCRP पोर्टल पर रिपोर्ट कैसे करें? जानें पूरा प्रोसेस

सबसे पहले वेबसाइट cybercrime.gov.in खोलें। होमपेज पर “Report & Check Suspect” का विकल्प चुनें। यहां आप फोन नंबर, व्हाट्सऐप/टेलीग्राम नंबर, वेबसाइट यूआरएल, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया प्रोफाइल, मोबाइल ऐप या डीपफेक जैसी कई चीजें रिपोर्ट कर सकते हैं।

रिपोर्ट शुरू करने से पहले ये सब तैयार रखें

  • संदिग्ध नंबर, प्रोफाइल लिंक या वेबसाइट यूआरएल
  • स्क्रीनशॉट या अन्य सबूत
  • घटना का संक्षिप्त ब्योरा (500 अक्षरों तक)

स्टेप-बाय-स्टेप रिपोर्टिंग प्रक्रिया

  • पोर्टल पर जाकर भाषा चुनें (हिंदी भी उपलब्ध है)।
  • “What do you want to report?” में सही विकल्प चुनें (जैसे फोन नंबर या वेबसाइट)।
  • जरूरी डिटेल्स भरें और सबूत अपलोड करें (फाइल साइज 5 एमबी से कम रखें)।
  • घटना का संक्षिप्त विवरण लिखें।
  • कैप्चा भरकर सबमिट करें।

ट्रैक भी कर सकते हैं रिपोर्ट

सोशल मीडिया अकाउंट के लिए पोर्टल पर “Report Abuse to Social Media” के जरिए प्लेटफॉर्म-वाइज रिपोर्टिंग लिंक भी मिल जाते हैं। रिपोर्ट जमा होने के बाद आप ट्रैक भी कर सकते हैं।

आपकी एक रिपोर्ट कई लोगों को बचा सकती है

साइबरदोस्त का ये अभियान #CyberSafeIndia के तहत चलाया जा रहा है। आसानी से रिपोर्ट करने का तरीका भी बताया है। हजारों लोग रोजाना स्कैम का शिकार हो रहे हैं। अगर हर व्यक्ति संदिग्ध चीजों को रिपोर्ट करे तो धोखेबाजों का नेटवर्क कमजोर पड़ेगा। याद रखें - ब्लॉक सिर्फ आपकी सुरक्षा है, रिपोर्ट पूरे समाज की सुरक्षा है। आज ही cybercrime.gov.in पर जाकर किसी भी संदिग्ध नंबर या लिंक को रिपोर्ट करें। साइबर क्राइम से बचाव अब आपकी उंगलियों पर है। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें। यदि हर नागरिक संदिग्ध चीजों को रिपोर्ट करे तो ठगों का काम मुश्किल हो जाएगा।

Updated on:
23 Oct 2026, 12:27 PM IST
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