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त्योहारों का मौसम आते ही ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज चरम पर पहुंच जाता है। दिवाली, नवरात्रि और ईद जैसे त्योहारों पर लोग भारी छूट और लुभावने ऑफर्स की तलाश में सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर सर्फिंग करते हैं। लेकिन सावधान! भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के आधिकारिक हैंडल CyberDost ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। त्योहारों की खुशियां मनाएं, लेकिन स्मार्ट तरीके से। असली ऑफर्स का मजा लें, नकली जाल में न फंसें। सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग करें और #CyberSafeIndia अभियान में शामिल हों। याद रखें-सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
उनके अनुसार, लोकप्रिय ब्रांड्स के नाम पर दिखने वाला हर फेस्टिव ऑफर असली नहीं होता। स्कैमर्स परिचित लोगों, प्रोडक्ट फोटोज और सेल क्रिएटिव्स का इस्तेमाल करके फर्जी शॉपिंग ऐड्स चला रहे हैं, जो आपको लुकअलाइक वेबसाइट्स पर ले जाकर भुगतान की ठगी कर सकते हैं। Ad पर Click करते ही आपको ऐसी lookalike Website पर ले जाया जा सकता है, जो असली जैसी दिखे लेकिन payment scammer तक पहुंचा दे।
साइबर ठग बड़े ब्रांड्स के लोगो और प्रोडक्ट इमेजेस चुराकर नकली विज्ञापन बनाते हैं। ये ऐड्स सोशल मीडिया, गूगल सर्च या मैसेजिंग ऐप्स पर दिखते हैं। क्लिक करते ही आप ऐसी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जो बिल्कुल असली लगती है- URL थोड़ा अलग होता है, जैसे अन्य संदिग्ध डोमेन। वहां पर सस्ते दामों में महंगे गैजेट्स, कपड़े या इलेक्ट्रॉनिक्स दिखाए जाते हैं। जब आप पेमेंट करते हैं, तो पैसे सीधे स्कैमर के खाते में चले जाते हैं, जबकि प्रोडक्ट कभी नहीं आता। CyberDost की चेतावनी में साफ कहा गया है कि ये नकली साइट्स असली जैसी दिखकर ट्रस्ट बनाती हैं, लेकिन असल में फ्रॉड का जरिया होती हैं।
CyberDost ने साफ सलाह दी है- किसी भी ऑफर को ब्रांड की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर जाकर खुद वेरिफाई करें। अनजान वेबसाइट, संदिग्ध डोमेन या एडवांस पेमेंट रिक्वेस्ट दिखे तो तुरंत रुक जाएं। हमेशा ऑफिशियल सोर्स से ही ऑर्डर करें। त्योहारों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें क्योंकि स्कैमर्स इसी समय सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। अगर कोई संदेह हो तो दोस्त या परिवार से पूछें, और कभी भी अजनबी लिंक पर क्लिक न करें।
साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर बिना देर किए 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in (http://cybercrime.gov.in/) पर शिकायत दर्ज कराएं। जल्दी रिपोर्ट करने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।
राजस्थान में भी साइबर अपराधों के कई मामले सामने आए हैं। हाल ही में जयपुर पुलिस ने एक इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर फर्जी OLX ऑफर्स समेत विभिन्न तरीकों से करीब ₹18.6 करोड़ की ठगी का आरोप है। इसके अलावा 21 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पुलिस की वेबसाइट से जुड़े एक संभावित डेटा ब्रीच का दावा भी सामने आया, जिसमें हजारों आइडेंटिटी रिकॉर्ड्स प्रभावित होने की बात कही गई। ये घटनाएं साबित करती हैं कि साइबर ठगी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि राजस्थान समेत पूरे देश में फैल रही है।
Updated on:
22 Oct 2026 01:46 pm
Published on:
22 Oct 2026 01:19 pm
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