पिछले सरकार का प्रोजेक्ट इस सरकार के कार्यकाल में भी अधूरे
जयपुर. 1400 करोड़ रुपए खर्च कर विकसित की गई द्रव्यवती नदी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। यही हाल झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड का भी है। 166 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में अभी तीन से चार माह का समय और लग जाएगा। ये दोनों प्रोजेक्ट पिछली भाजपा सरकार के दौरान शुरू हुए थे, लेकिन अब तक ये पूरे नहीं हो पाए हैं।द्रव्यवती नदी में तो सीवर का गंदा पानी गिर रहा है। जेडीए पिछले दो वर्ष से सुशीलपुरा पुलिया के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की कवायद कर रहा है, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ।दरअसल, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार का द्रव्यवती नदी परियोजना ड्रीम प्रोजेक्ट था। काम पूरा न होने की वजह से नदी किनारे सैर करने का दावा सपना ही बना हुआ है।
खास-खास
-47 किमी लम्बी है द्रव्यवती नदी
-02 अक्टूबर, 2018 में 18 किमी के निर्माण कार्य का हुआ था उद्घाटन
-170 एमएलडी क्षमता के पांच एसटीपी लगे हैं नदी के किनारे
-206 करोड़ रुपए खर्च होने हैं 10 वर्ष में नदी के रखरखाव पर
साफ-सफाई पर भी नहीं है ध्यान
-टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के पास नदी की साफ-सफाई का काम है, लेकिन नियमित रूप से सफाई नहीं होती है। बारिश में जरूर गंदगी बहकर चली जाती है। बाकी दिनों में जगह-जगह कचरा दिखाई देता है।
-कई बार जेडीए और कम्पनी के बीच भुगतान को लेकर विवाद हो चुका है। इसका खमियाजा नदी किनारे रहने वाले लोगों को उठाना पड़ता है। कई जगह तो दुर्गंध इतनी आती है कि लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है।
राहत की उम्मीद में दो लाख की आबादी
- जेडीए सुशीलपुरा पुलिया पर 20 एमएलडी का एसटीपी प्रस्तावित है। यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे तो दो लाख से अधिक आबादी को फायदा मिलेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश हैं कि सीवरेज सीधे नदी-नालों में नहीं छोड़ सकते।- सुबह जब सीवर लाइन में अत्यधिक दबाव होता है तो सुशीलपुरा से गुजरने वाली सीवर लाइन से गंदा पानी सीधा नदी में गिरता है। ऐसे में आस-पास के लोगों का रहना मुश्किल हो जाता है।
- पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से अनुमति के लिए आवेदन किया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद काम शुरू कर देंगे। 33 करोड़ रुपए एसटीपी की लागत है और अगले 18 माह में यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
-भूपेश सारस्वत, एईएन, जेडीए
झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड: पूरा होने का इंतजार
भाजपा सरकार में इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन हुआ था। पांच साल में भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। जेडीए अधिकारियों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में अभी तीन से चार माह का समय और लगेगा। ऐसे में निवारू रोड तक के हिस्से का ही जेडीए उद्घाटन करवा सकता है और झोटवाड़ा की ओर के हिस्से का काम जारी रहेगा।